प्रतीक जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की छापेमारी

प्रतीक जैन, जो आईपीएसी के सह-संस्थापक हैं, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं। हाल ही में हुई छापेमारी के बाद, ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया। जैन का परिचय और ईडी की छापेमारी के विवरण पर भी चर्चा की गई है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक प्रभाव।
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प्रतीक जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की छापेमारी

ईडी की कार्रवाई पर ममता बनर्जी का तीखा बयान

इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आईपीएसी) के सह-संस्थापक और निदेशक प्रतीक जैन अब मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच का सामना कर रहे हैं। हाल ही में, केंद्रीय एजेंसी ने गुरुवार को कोलकाता में आईपीएसी के कार्यालय और जैन के निवास पर छापेमारी की, जिससे हंगामा मच गया। इस घटना के बाद, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने कार्यालय में पहुंचकर कुछ फाइलें अपने कब्जे में लीं और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और ईडी पर तीखा हमला किया। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार दिया और भाजपा को तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक और वित्तीय आंकड़ों को चुराने का प्रयास करने वाला सबसे बड़ा डाकू बताया।


प्रतीक जैन का परिचय

प्रतीक जैन एक इंजीनियर हैं, जिन्होंने बाद में राजनीतिक सलाहकार के रूप में करियर बनाया। उन्होंने 2015 में विनेश चंदेल और ऋषि राज सिंह के साथ मिलकर आईपीएसी की स्थापना की। जैन ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे से धातुकर्म और सामग्री विज्ञान में पढ़ाई की। उन्होंने एक्सिस म्यूचुअल फंड में इंटर्नशिप भी की। इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद, जैन ने 2012 में डेलॉइट में विश्लेषक के रूप में काम किया। इसके बाद, वे सिटीजन्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस के संस्थापक सदस्य बने, जो भारत में जवाबदेह शासन को बढ़ावा देने के लिए एक गैर-लाभकारी संगठन है।


ईडी की छापेमारी का विवरण

साल्ट लेक में आईपीएसी के कार्यालय और लाउडन स्ट्रीट पर जैन के आवास के अलावा, अधिकारियों ने आठ अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की। यह कार्रवाई गुरुवार सुबह 7 बजे से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी में की गई। ईडी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, जिसमें अवैध हस्तक्षेप का आरोप लगाया गया है। एजेंसी ने छापेमारी के दौरान जांच में बाधा डालने का मामला भी दर्ज किया है, जिसकी सुनवाई शुक्रवार को न्यायमूर्ति सुव्रा घोष द्वारा की जाएगी।