प्रतापगढ़ में रेंजर की मौत: परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग
प्रतापगढ़ में रेंजर की दुखद मौत
प्रतापगढ़: एक वन अधिकारी की डंपर से कुचलकर हुई मौत ने उनके परिवार में गहरा शोक पैदा कर दिया है। मृतक की पत्नी ने इस घटना के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग की है, उनका कहना है कि जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। परिवार के अनुसार, रेंजर अपने अंतिम क्षणों में अपने बेटे को याद कर रहे थे।
डंपर की टक्कर से हुई रेंजर की मौत
जानकारी के अनुसार, रेंजर ड्यूटी के दौरान डंपर की चपेट में आ गए थे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद परिवार और विभाग में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से संबंधित तथ्यों को एकत्रित किया जा रहा है।
पत्नी ने की सख्त कार्रवाई की मांग
रेंजर की पत्नी ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने एक सदस्य खोया है और इस मामले में जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। पत्नी ने भावुक होकर आरोपियों के एनकाउंटर की भी मांग की है, हालांकि अंतिम कार्रवाई कानून और जांच के आधार पर ही तय होगी।
आखिरी वक्त बेटे को याद कर रहे थे
परिजनों के अनुसार, रेंजर की स्थिति बेहद गंभीर थी और अंतिम क्षणों में वह अपने बेटे को याद कर रहे थे। यह पल परिवार के लिए अत्यंत भावुक और पीड़ादायक रहा। पत्नी का कहना है कि इस दुख की भरपाई संभव नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार देगी एक्शन रिपोर्ट
इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी कार्रवाई और सरकार की रिपोर्ट पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकार को अदालत के सामने उठाए गए कदमों की जानकारी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। अब जांच की प्रगति और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल, पुलिस और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, डंपर किसके नाम पर था और घटना के लिए कौन जिम्मेदार है। परिवार ने सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि दोष तय होना जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही संभव है।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ड्यूटी के दौरान सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब परिवार को न्याय मिलने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों का इंतजार है。
