पेट्रोल-डीजल के नए रेट: स्थिरता बनी हुई है, जानें अपने शहर के दाम

20 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रहे हैं, जिससे वाहन चालकों को राहत मिली है। पिछले हफ्ते में कीमतों में वृद्धि के बावजूद, अब कोई नया बदलाव नहीं आया है। जानें अपने शहर के ताजा रेट और कैसे आप आसानी से अपने शहर की कीमतें जान सकते हैं।
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं

20 मई, बुधवार को देशभर में पेट्रोल और डीजल के नए दाम घोषित किए गए हैं। ऑयल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे ताजा कीमतें अपडेट करती हैं। आज की राहत की खबर यह है कि पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, जिससे तेल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.


पिछले हफ्ते की कीमतों में वृद्धि

हालांकि, पिछले एक हफ्ते में दो बार कीमतों में वृद्धि हुई थी, जिससे आम जनता पर असर पड़ा। वाहन चालकों के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वे अपने शहर का लेटेस्ट रेट चेक करें। बड़े शहरों में, जैसे कि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹98.64 और डीजल की कीमत ₹91.58 प्रति लीटर है। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, नोएडा और गुरुग्राम में भी पुराने रेट ही लागू हैं.


शहरों के अनुसार पेट्रोल-डीजल की कीमतें

शहर का नाम पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) डीजल की कीमत (प्रति लीटर)
दिल्ली ₹98.64 ₹91.58
मुंबई ₹107.59 ₹94.08
कोलकाता ₹109.70 ₹96.07
चेन्नई ₹104.46 ₹96.11
बेंगलुरु ₹107.12 ₹95.04
गुरुग्राम ₹99.29 ₹91.80
नोएडा ₹98.91 ₹92.21
चंडीगढ़ ₹98.10 ₹86.09
हैदराबाद ₹111.88 ₹99.95
भुवनेश्वर ₹105.09 ₹96.68
जयपुर ₹109.32 ₹94.50
लखनऊ ₹98.40 ₹91.73
पटना ₹110.02 ₹96.05


अपने शहर का रेट जानने का तरीका

यदि आप अपने शहर का ताजा भाव जानना चाहते हैं, तो यह बहुत सरल है। इंडियन ऑयल (IOC) के ग्राहक 9224992249 पर 'CITY CODE के साथ RSP' लिखकर SMS कर सकते हैं। BPCL के ग्राहक 9223112222 पर और HPCL के ग्राहक 9222201122 पर 'RSP' लिखकर मैसेज भेज सकते हैं.


पिछले हफ्ते में कीमतों में वृद्धि

पिछले हफ्ते में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 4 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। 15 मई को तेल कंपनियों ने करीब 3 रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ाए थे, और फिर 19 मई को लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद, सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू बाजार में रेट स्थिर रखे थे, जिससे कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा। अंततः, बढ़ते नुकसान को देखते हुए कंपनियों ने पिछले हफ्ते दो बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए।