पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई पर पड़ेगा असर

हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई पर गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वृद्धि केवल ईंधन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दैनिक खर्चों में भी इजाफा होगा। ट्रांसपोर्ट लागत में बढ़ोतरी और दूध की कीमतों में वृद्धि से आम लोगों के बजट पर दबाव बढ़ सकता है। जानें इस स्थिति का विस्तृत विश्लेषण और इसके संभावित परिणाम।
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महंगाई पर प्रभाव

हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का प्रभाव आने वाले महीनों में देश की महंगाई पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रभाव केवल पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दैनिक घरेलू खर्चों में भी वृद्धि हो सकती है। शुक्रवार को देशभर में ईंधन की कीमतों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई।


महंगाई दर में संभावित वृद्धि

ईंधन की कीमतों में इस वृद्धि से खुदरा महंगाई दर में 10 से 25 बेसिस पॉइंट का इजाफा हो सकता है। ट्रांसपोर्ट और उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि डीजल, टोल टैक्स, टायर और गाड़ियों के रखरखाव की बढ़ती लागत के कारण कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों में कीमतें बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोल-डीजल की महंगाई का असर ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, फूड डिलीवरी और आवश्यक सेवाओं पर भी पड़ेगा।


ट्रांसपोर्ट लागत में वृद्धि

ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अनुसार, सड़क मार्ग से माल ढुलाई की लागत अगले कुछ हफ्तों में 2.5% से 3% तक बढ़ सकती है। ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स का कहना है कि उनकी लागत लगातार बढ़ रही है। BS-VI वाहनों में इस्तेमाल होने वाले डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF) की कीमतों में 50% से अधिक की वृद्धि हो चुकी है। इसके अलावा, टायर, लुब्रिकेंट, टोल टैक्स और मेंटेनेंस का खर्च भी बढ़ गया है।


महंगाई का खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव मई के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आंकड़ों में दिखाई देने लगेगा, जबकि इसका पूरा असर जून में स्पष्ट हो सकता है। IDFC First Bank की मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता ने कहा कि ईंधन की कीमतों में बदलाव से खुदरा महंगाई में 12 बेसिस पॉइंट तक का इजाफा हो सकता है।


दूध की कीमतों का प्रभाव

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की निदेशक मेघा अरोड़ा ने बताया कि पेट्रोल, डीजल और दूध की कीमतों में वृद्धि का संयुक्त प्रभाव CPI महंगाई दर को लगभग 42 बेसिस पॉइंट तक बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में आम लोगों के घरेलू बजट पर और दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि पहले से ही कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।