पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि पर राजनीतिक दलों का तीखा विरोध

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया वृद्धि ने राजनीतिक दलों को एकजुट कर दिया है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है, यह कहते हुए कि यह निर्णय आम जनता और किसानों के लिए हानिकारक है। नेताओं ने इस कदम को किसान-विरोधी और जनविरोधी करार दिया है। जानें इस मुद्दे पर क्या कहा गया है और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 | 
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि पर राजनीतिक दलों का तीखा विरोध gyanhigyan

केंद्र सरकार पर हमला

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया वृद्धि को लेकर आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने केंद्र सरकार पर कड़ा हमला किया है। इन दलों का कहना है कि यह निर्णय आम जनता के लिए भारी पड़ने वाला है और इसका नकारात्मक प्रभाव किसानों पर भी पड़ेगा।


आप के नेता की प्रतिक्रिया

पंजाब के वित्त मंत्री और ‘आप’ के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस निर्णय से भाजपा का 'किसान-विरोधी और जनविरोधी चेहरा' उजागर हो गया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, "केंद्र सरकार एक ओर पेट्रोल-डीजल की कीमतें तीन रुपये बढ़ा रही है, जबकि दूसरी ओर धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में केवल 72 रुपये की वृद्धि कर रही है। यह किसानों की आय पर सीधा हमला है।"


कांग्रेस का बयान

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार नागरिकों को वाहनों के कम उपयोग का उपदेश देती है, लेकिन खुद पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा रही है। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या यही उस नाटक का असली मकसद था?"


शिरोमणि अकाली दल की चिंता

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि आम आदमी के लिए और भी मुश्किलें पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को इस बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा और एमएसपी में मामूली वृद्धि से उन्हें कोई राहत नहीं मिलेगी।


महंगाई पर चिंता

बादल ने केंद्र सरकार से महंगाई को नियंत्रित करने के लिए तात्कालिक कदम उठाने की अपील की। शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई, जो पिछले चार वर्षों में पहली बार हुई है। यह वृद्धि कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों के कारण हुई है।