पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, लेकिन तेल कंपनियों को भारी नुकसान

देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन इसके पीछे तेल कंपनियों को हर महीने ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और ईरान के तनाव के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है और सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं।
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पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, लेकिन तेल कंपनियों को भारी नुकसान gyanhigyan

पेट्रोलियम मंत्रालय की रिपोर्ट

देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें वर्तमान में स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन इसके पीछे तेल कंपनियों को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों को हर महीने लगभग ₹30,000 करोड़ की अंडर-रिकवरी हो रही है। इसका मतलब है कि कंपनियां कच्चा तेल महंगे दाम पर खरीद रही हैं, जबकि ग्राहकों को सस्ते दाम पर ईंधन उपलब्ध करा रही हैं.


अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इसके बावजूद, सरकार आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ा रही है। इसके अलावा, सरकार ने तेल कंपनियों के बोझ को कम करने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है, जिससे उसे हर महीने लगभग ₹14,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है.


ईरान तनाव का प्रभाव

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे कच्चे तेल और गैस की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव लंबे समय तक जारी रहा, तो भारत में भी ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं.


पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता

सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पिछले दो दिनों में लगभग 97 लाख LPG सिलेंडर लोगों तक पहुंचाए गए हैं, और 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की भी रिकॉर्ड बिक्री हुई है.


कालाबाजारी पर नियंत्रण

सरकार ने ईंधन और LPG की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। हाल ही में 200 से अधिक औचक निरीक्षण किए गए हैं। कई डिस्ट्रीब्यूटर्स को नोटिस भेजे गए हैं, कुछ पर जुर्माना लगाया गया है, और एक डिस्ट्रीब्यूटर को निलंबित भी किया गया है.