पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट की संभावना, ट्रंप के बयान का असर

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट की संभावना बढ़ गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान के बाद, कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत की कमी आई है। ट्रंप ने ईरान के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते के संकेत दिए हैं, जिससे तेल की आपूर्ति में रुकावटें समाप्त हो सकती हैं। हालांकि, उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व से तेल की आपूर्ति सामान्य होने में 2027 तक का समय लग सकता है। जानें इस विषय पर और क्या कहा गया है।
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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट की संभावना, ट्रंप के बयान का असर gyanhigyan

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत की उम्मीद

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द ही कमी आने की संभावना है। दरअसल, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक महत्वपूर्ण बयान है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ एक बड़ा समझौता होने वाला है। इस खबर के बाद, ब्रेंट क्रूड का मूल्य गिरकर 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 99 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया है। हालांकि, इस भारी गिरावट के बाद कीमतों में थोड़ी रिकवरी भी देखी गई है।


ट्रंप का बयान और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

कच्चे तेल के बाजार में नरमी तब आई जब वाशिंगटन से एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस बयान ने बाजार में उम्मीद जगाई है कि तेल की आपूर्ति में आई रुकावट जल्द ही समाप्त हो सकती है। इस उम्मीद के चलते ब्रेंट क्रूड के दाम में गिरावट आई है।


तेल बाजार की स्थिति और भू-राजनीतिक प्रभाव

इस घटना को समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा। फरवरी के अंत में जब यह भू-राजनीतिक टकराव शुरू हुआ, तब से तेल की कीमतें लगभग 40 प्रतिशत बढ़ गई थीं। व्यापारियों को चिंता थी कि कहीं 'होर्मुज जलडमरूमध्य' पूरी तरह बंद न हो जाए, जो कि विश्व के कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा यहां से गुजरता है। अब, कूटनीतिक सफलता की उम्मीद से यह संभावना बढ़ गई है कि फारस की खाड़ी में फंसे लाखों बैरल तेल जल्द ही बाहर निकल सकेंगे।


2027 तक तेल आपूर्ति की वास्तविकता

हालांकि बाजार में सकारात्मक माहौल बना है, लेकिन उद्योग के विशेषज्ञ अभी भी सतर्क हैं। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के सीईओ सुल्तान अल जाबेर ने बताया कि अगर यह टकराव तुरंत समाप्त भी हो जाए, तो भी मध्य पूर्व से तेल की आपूर्ति सामान्य होने में 2027 तक का समय लग सकता है।


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