पूर्वी असम में बाढ़ के दौरान पशुधन की सुरक्षा की चुनौती
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा
गुवाहाटी, 28 जुलाई: पूर्वी असम में गंभीर बाढ़ के कारण पशुधन की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि कई परिवार अपनी आजीविका के लिए मवेशियों और मुर्गियों पर निर्भर हैं। इस संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी है। राज्य सरकार जानवरों के लिए चारा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
इसके अलावा, कई निजी संगठन भी इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं। राज्य की पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री नीलिमा देवी ने सोशल मीडिया पर साझा किया, ‘‘बाढ़ के इस कठिन समय में अपने पशुधन की सुरक्षा करना अत्यंत आवश्यक है।’’ उन्होंने बताया कि शिवसागर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उनका विभाग चारा और पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है, ताकि पालतू जानवरों की रक्षा की जा सके। देवी ने कहा, ‘‘सरकार इस संकट के समय में हर जानवर को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।’’
मंत्री ने संकट के इस समय में सहायता करने वाले गैर-सरकारी संगठनों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘...‘अहिंसा हेल्पिंग हैंड्स फॉर पॉज़ फाउंडेशन’ और परवाह के चंदमिता दास, अभय बोरा एवं उनके सहयोगियों को शिवसागर में उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए धन्यवाद।’’ देवी ने कहा कि इस कठिन समय में गायों, कुत्तों, बिल्लियों, सूअरों, बकरियों और अन्य जानवरों को चारा और दवाइयां उपलब्ध कराना वास्तव में सराहनीय और प्रेरणादायक है।
