पूर्व सैनिकों का सम्मान: राज्यपाल का संदेश
पूर्व सैनिकों का सम्मान और कल्याण
जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि पूर्व सैनिकों का सम्मान और उनका कल्याण हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने भारतीय सेना के जवानों और पूर्व सैनिकों के योगदान को सराहा, जो देश की सुरक्षा और संप्रभुता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद भी, ये सैनिक अपने अनुशासन और अनुभव के माध्यम से राष्ट्र के विकास में योगदान देते हैं।
बागडे ने रविवार को जिला पूर्व सैनिक संघ, जयपुर द्वारा आयोजित 'जयपुर डिस्ट्रिक्ट एक्स सर्विसेज लीग' के गोल्डन जुबली समारोह में यह बातें कहीं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने 'वन रैंक वन पेंशन' योजना लागू करके पूर्व सैनिकों को उनके अधिकार दिए हैं। राजस्थान में भी पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं के सम्मान और पेंशन लाभों में वृद्धि की गई है।
राज्यपाल ने कहा कि एक्स सर्विसमैन कॉरपोरेशन के माध्यम से राजस्थान में 13,000 से अधिक पूर्व सैनिकों को रोजगार प्रदान किया गया है। इसके अलावा, सभी जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में विधिक सहायता क्लीनिक स्थापित करने की योजना बनाई गई है ताकि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए कोचिंग सहायता राशि को 15,000 से बढ़ाकर 25,000 कर दिया गया है। राज्य सरकार ने हाल ही में 14,000 से अधिक वीरांगनाओं के सम्मान की पहल की है।
राज्यपाल ने कहा कि जब सैनिक सीमा पर लड़ता है, तो उसका परिवार उसका सबसे बड़ा सहारा होता है। इसलिए, सैनिकों के परिवारों का कल्याण हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने पूर्व सैनिकों को राष्ट्रीय संपत्ति बताते हुए कहा कि उनके अनुभव और नेतृत्व समाज को मजबूत बनाते हैं।
उन्होंने पूर्व सैनिकों से युवाओं को मार्गदर्शन देने और नशीली दवाओं के दुरुपयोग जैसी समस्याओं से निपटने में मदद करने का आग्रह किया। उन्होंने भारत सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों के लिए स्मार्ट कैंटीन कार्ड, पहचान पत्र, ऑनलाइन सेवाओं और पेंशन प्रबंधन के लिए स्पर्श पोर्टल जैसे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। समारोह के अंत में, उन्होंने पूर्व सैनिकों के संगठन में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया।
