पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को कपूर परिवार विवाद में मध्यस्थ नियुक्त किया गया

पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को कपूर परिवार के विवाद में मध्यस्थ के रूप में नियुक्त किया गया है। यह विवाद संजय कपूर की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति को लेकर शुरू हुआ। रानी कपूर और प्रिया कपूर के बीच संपत्ति के अधिकारों को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में कोर्ट ने मध्यस्थता का सुझाव दिया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और जस्टिस चंद्रचूड़ की भूमिका के बारे में।
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पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को कपूर परिवार विवाद में मध्यस्थ नियुक्त किया गया gyanhigyan

कपूर परिवार विवाद में मध्यस्थता

पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्हें कपूर परिवार के विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थ के रूप में नियुक्त किया गया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट ने पारिवारिक ट्रस्ट से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए लिया है। मामला जस्टिस जेवी पादरीवाला और जस्टिस उज्जवल भूया की बेंच के समक्ष आया। यह विवाद पिछले साल जून में व्यवसायी संजय कपूर के निधन के बाद शुरू हुआ, जब उन्होंने लगभग ₹30,000 करोड़ की संपत्ति छोड़ी। मुख्य विवाद संजय कपूर की मां रानी कपूर और उनकी पत्नी प्रिया कपूर के बीच है। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने मध्यस्थता के लिए सहमति दी, जिसके बाद कोर्ट ने मामले को आधिकारिक रूप से मध्यस्थता के लिए भेज दिया। कोर्ट ने परिवार के सदस्यों को सलाह दी कि वे खुलकर बातचीत करें और विवाद को जल्द से जल्द सुलझाने का प्रयास करें। जस्टिस पादरीवाला ने कहा कि यह पारिवारिक मामला है और इसे केवल परिवार तक सीमित रहना चाहिए।


संजय कपूर की मृत्यु और विवाद की शुरुआत

पोलो मैच में संजय कपूर का निधन

12 जून 2025 को इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान संजय कपूर का निधन हुआ, जिसकी वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई। उनकी मृत्यु के बाद यह विवाद शुरू हुआ, जिसमें आर के फैमिली ट्रस्ट का मुद्दा शामिल है। रानी कपूर का आरोप है कि यह ट्रस्ट अवैध और बिना रजिस्ट्रेशन के बनाया गया है, और उनकी संपत्ति को उनकी अनुमति के बिना ट्रस्ट में डाल दिया गया। रानी कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक सिविल सूट भी दायर किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उनके पति सुरिंदर कपूर ने 6 फरवरी 2013 को एक वसीयत बनाई थी। इस वसीयत के अनुसार, उनकी संपत्ति रानी कपूर को मिलनी थी। हालांकि, संजय कपूर की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति को कथित तौर पर कई अवैध लेनदेन के जरिए ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। रानी कपूर का आरोप है कि यह सब उनकी अनुमति के बिना हुआ।


सोशल मीडिया पर टिप्पणी से बचने की सलाह

सोशल मीडिया पर टिप्पणी से परहेज

हाल ही में, संजय कपूर की मां रानी कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक दीवानी मुकदमा दायर किया था, जिसमें उन्होंने ट्रस्ट को अवैध घोषित करने की मांग की थी। परिवार के अन्य सदस्य भी मध्यस्थता के लिए सहमति दे चुके हैं। प्रिया कपूर ने अदालत में कहा कि रानी कपूर को सार्वजनिक रूप से परिवार के विवादों के बारे में बात करने से रोका जाए। इसके बाद न्यायालय ने सभी पक्षों को सलाह दी कि वे सार्वजनिक रूप से कोई बयान न दें और इस मामले पर सोशल मीडिया पर भी कुछ न कहें। न्यायालय ने कहा कि यह पारिवारिक विवाद है और इसे केवल परिवार के सदस्यों तक सीमित रहना चाहिए।


डीवाई चंद्रचूड़ की मध्यस्थता

डीवाई चंद्रचूड़ की मध्यस्थ के रूप में नियुक्ति

न्यायालय ने कहा कि सभी पक्षों ने मध्यस्थता के लिए सहमति दी है, इसलिए पूर्व प्रधान न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त किया गया है। अब न्यायालय प्रारंभिक रिपोर्ट का इंतजार करेगा और उसके बाद मामले की आगे की सुनवाई होगी। अगली सुनवाई अगस्त में होगी। शीर्ष अदालत ने संजय कपूर की मां द्वारा दायर याचिका पर प्रिया कपूर और अन्य से जवाब मांगा था। रानी कपूर ने आरोप लगाया था कि ट्रस्ट जाली और धोखाधड़ी के दस्तावेजों पर आधारित है। इस मामले में कई वरिष्ठ वकील विभिन्न पक्षों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अब देखना यह है कि डीवाई चंद्रचूड़ की मध्यस्थता के बाद इस विवाद का क्या समाधान निकलता है।