पुणे विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्री मामले में कर्मचारी निलंबित
पुणे विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्री का मामला
पुणे, 30 जुलाई: सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय ने एक छात्र से पैसे लेकर उसे बी.कॉम की नकली अंकतालिका और डिग्री प्रमाणपत्र देने के आरोप में अपने एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने इस मामले की जानकारी दी। एक बयान में बताया गया कि लेखा विभाग में कार्यरत रमेश मुखेकर ने एक छात्र से कथित तौर पर 70,000 रुपये लिए और उसे असली डिग्री प्रमाणपत्र और अंकतालिका देने का आश्वासन दिया।
मुखेकर ने छात्र को व्हाट्सऐप पर दस्तावेजों की तस्वीरें भेजीं, जो देखने में असली लग रही थीं, लेकिन वास्तव में वे फर्जी थीं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि यह कर्मचारी परीक्षा विभाग से संबंधित नहीं है।
बयान में कहा गया, 'उसके द्वारा भेजे गए दस्तावेज परीक्षा विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते।' मामले की गंभीरता को देखते हुए, विश्वविद्यालय ने मुखेकर को तुरंत निलंबित कर दिया। परीक्षा एवं मूल्यांकन मंडल के निदेशक डॉ. राजेंद्र तलवारे ने चतुश्रृंगी पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। बयान में यह भी कहा गया कि पुलिस जांच के दौरान यदि कोई भी व्यक्ति अपराध में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी या नहीं।
