पुणे में जहरीली शराब से 12 लोगों की मौत, पुलिस ने की कार्रवाई

पुणे, महाराष्ट्र में जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और फॉरेंसिक जांच जारी है। एनसीपी-एससीपी विधायक रोहित पवार ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस अवैध शराब कारोबारियों को बचाने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने जनता में भारी गुस्सा पैदा कर दिया है, और पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
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पुणे में जहरीली शराब का मामला

पुणे, महाराष्ट्र में जहरीली शराब पीने के कारण 12 व्यक्तियों की जान चली गई है। पुलिस ने शुक्रवार को इस घटना की जानकारी दी। इनमें से चार मौतें पुणे सिटी पुलिस क्षेत्र में हुईं, जबकि आठ मौतें पिंपरी-चिंचवड पुलिस क्षेत्र में दर्ज की गईं। पिंपरी के एसीपी सचिन हिरे ने बताया कि इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर अवैध शराब की सप्लाई में शामिल होने का आरोप है। उन्होंने कहा कि शराब के नमूनों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है。


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एसीपी सचिन हिरे ने आगे बताया कि डापोडी क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से आठ लोगों की मौत हुई है। हमने गैर इरादतन हत्या के तहत मामला दर्ज किया है। अब तक पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है और दो को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है। पूरी सप्लाई चेन हमारे नियंत्रण में है और जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में एक वानखेड़े नामक व्यक्ति है, जो सप्लाई चेन का मध्यस्थ था। दूसरा आरोपी प्रजापति है, जो पुणे से शराब की सप्लाई करता था और उसने जहरीले रसायनों का मिश्रण तैयार किया था। पुलिस अब पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी है।


रोहित पवार का पुलिस पर आरोप

एनसीपी-एससीपी विधायक रोहित पवार ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अवैध शराब कारोबारियों को बचाने का प्रयास कर रही है। पवार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कई लोगों की मौत जहरीली शराब से हुई है, लेकिन पुलिस इसे हार्ट अटैक या अन्य कारण बताकर सच को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पुणे में दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन पुलिस निष्क्रिय बनी हुई है।


रोहित पवार ने यह भी कहा कि यदि सरकार और पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही हैं, तो इसका मतलब है कि पुलिस विभाग भी इस अवैध कारोबार में शामिल हो सकता है। इस घटना के बाद जनता में भारी गुस्सा है। लोगों ने पुलिस और राज्य आबकारी विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, फॉरेंसिक विभाग ने जहरीली शराब की जांच पूरी कर रिपोर्ट डापोडी पुलिस स्टेशन को सौंप दी है। प्रारंभिक जांच में शराब में जहरीले रसायनों और विषैले पदार्थों की मिलावट की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई तेज करने की योजना बना रही है।