पुणे और पिंपरी-चिंचवड में नकली शराब से हुई मौतों पर बड़ी कार्रवाई

पुणे और पिंपरी-चिंचवड में नकली शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले में राज्य उत्पाद शुल्क विभाग ने 13 अधिकारियों को निलंबित किया है। इस घटना के बाद, सीआईडी ने जांच का जिम्मा संभाला है। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर मामला बताया है और मिलावटी शराब के तंत्र की पहचान की जा रही है। जानें इस त्रासदी के पीछे की पूरी कहानी और प्रशासन की कार्रवाई के बारे में।
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पुणे और पिंपरी-चिंचवड में नकली शराब से हुई मौतों पर बड़ी कार्रवाई gyanhigyan

राज्य उत्पाद शुल्क विभाग की कार्रवाई

पुणे और पिंपरी-चिंचवड में नकली शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले में राज्य उत्पाद शुल्क विभाग ने शनिवार को 13 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया। इनमें तीन निरीक्षक, छह उप-निरीक्षक और चार अन्य कर्मचारी शामिल हैं।


घटनाक्रम की जानकारी

अब तक के शीर्ष 10 घटनाक्रम


पिंपरी-चिंचवड और पुणे में दो दिनों में हुई इस त्रासदी के सिलसिले में एक प्रमुख अवैध शराब तस्कर सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले की जांच अब अपराध जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा की जा रही है।


पुलिस की कार्रवाई

पुणे पुलिस आयुक्त कार्यालय के अनुसार, हडपसर पुलिस स्टेशन से जुड़े वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले, सहायक पुलिस निरीक्षक हसीना सिकलगार और उप-निरीक्षक हसन मुलानी को नकली शराब के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने में विफल रहने के आरोप में निलंबित किया गया है।


इसके अलावा, पिंपरी-चिंचवड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दापोड़ी पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ निरीक्षक, एक उप-निरीक्षक और चार कांस्टेबल समेत छह अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है।


मौतों का आंकड़ा

पुलिस के अनुसार, पिंपरी चिंचवड के फुगेवाड़ी क्षेत्र में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि पुणे के हडपसर के पांधारे माला इलाके में चार अन्य लोगों की संदिग्ध मिलावटी शराब पीने से मौत हुई।


पिंपरी चिंचवड के एक अस्पताल में जहरीली शराब पीने के संदेह में पांच लोगों का इलाज चल रहा है।


मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को "बेहद गंभीर" करार दिया और कहा कि मिलावटी शराब की आपूर्ति में शामिल पूरे तंत्र की पहचान कर ली गई है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।


एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस त्रासदी की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है।


अस्पताल की जानकारी

यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल के डीन डॉ. राजेंद्र वाबले ने बताया कि मृतकों में से अधिकांश ने अत्यधिक शराब पी रखी थी। अस्पताल लाए जाने पर उनमें सांस लेने में कठिनाई, एसिडोसिस, मुंह से झाग निकलना, चक्कर आना और बेहोशी जैसे लक्षण थे।


उन्होंने कहा कि आमतौर पर, लक्षण सांस लेने में तकलीफ से शुरू होते हैं, उसके बाद सिर में भारीपन और दिल की धड़कन तेज हो जाती है। बाद में मरीज की हालत गंभीर हो जाती है।


राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस बीच, रोहित पवार और एनसीपी (एसपी) के अन्य कार्यकर्ताओं ने हडपसर इलाके में एक कथित शराबखाने को नष्ट कर दिया। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पवार ने दावा किया कि पुणे के हडपसर और फुगेवाड़ी इलाकों में जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की मौत हो गई। इस घटना को "बेहद भयावह" बताते हुए कर्जत-जामखेड विधायक ने आरोप लगाया कि इससे गृह विभाग के अनियंत्रित और भ्रष्ट कामकाज का पर्दाफाश हुआ है।