पीलीभीत में चपरासी का बड़ा घोटाला: 8 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक चपरासी ने 8 सालों में 8 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है। इल्हाम उर रहमान शम्सी ने अपनी तीन पत्नियों के शौक पूरे करने के लिए सरकारी खजाने में सेंध लगाई। उसकी मासिक तनख्वाह 55,000 रुपये थी, लेकिन उसने फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये कमाए। पुलिस ने 7 महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है। जानिए इस घोटाले की पूरी कहानी।
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पीलीभीत में चपरासी का बड़ा घोटाला: 8 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा gyanhigyan

पीलीभीत में चपरासी की रंगीन जिंदगी का राज़

Pilibhit Peon Fraud: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से एक चौंकाने वाली खबर आई है, जिसमें भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं टूट गई हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में कार्यरत एक साधारण चपरासी, इल्हाम उर रहमान शम्सी, ने अपनी भव्य जीवनशैली और तीन पत्नियों के शौक पूरे करने के लिए सरकारी खजाने में ऐसी सेंध लगाई कि बड़े-बड़े घोटालेबाज भी हैरान रह जाएं। उसने 8 वर्षों में सरकारी खाते से 8 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। यह सब उसने फर्जी तरीके से किया। इल्हाम उर रहमान शम्सी एक चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है, जिसकी मासिक तनख्वाह लगभग 55,000 रुपये है।


पीलीभीत में चपरासी का बड़ा घोटाला: 8 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा
55000 महीना थी सैलरी… चपरासी ने फिर 8 सालों में कैसे बना लिए 8 करोड़ रुपये? दिमाग हिला देगी ये कहानी


इस हिसाब से उसकी एक साल की वैध आय लगभग 6,60,000 रुपये होती है। 8 साल की सेवा के दौरान उसकी कुल सैलरी मुश्किल से 80 लाख रुपये तक पहुंचती है। लेकिन, इल्हाम के बैंक खातों और संपत्तियों की जांच ने सबको चौंका दिया। महज 8 सालों में उसने 8 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक की हेराफेरी की। यानी अपनी कुल सैलरी से 10 गुना ज्यादा पैसा उसने केवल अवैध तरीके से कमाया। जांच में यह भी सामने आया कि उसने अकेले एक साल में करोड़ों रुपये का लेन-देन किया।


फर्जी टीचर और बाबू बनाकर लूटा खजाना


इल्हाम ने अपनी चतुराई से DIOS कार्यालय में वेतन बिल और टोकन जनरेशन का काम अपने हाथ में ले लिया था। इसी का फायदा उठाकर उसने एक खतरनाक सिंडिकेट बनाया। उसने अपनी तीनों पत्नियों (अर्शी, लुबना, अजारा), साली, सास और अन्य रिश्तेदारों को कागजों पर फर्जी तरीके से टीचर, लिपिक और ठेकेदार बना दिया।


ट्रेजरी ऑफिस की बारीकियों का जानकार होने के नाते उसने फर्जी बेनेफिशियरी आईडी तैयार कीं। वह असली शिक्षकों के नाम पर बिल बनाता था, लेकिन पैसा अपने रिश्तेदारों के अकाउंट नंबर पर ट्रांसफर कर देता था।


53 खाते और 98 ट्रांजेक्शन: ऐसे फैलाया मायाजाल


पुलिस और प्रशासन की जांच में अब तक 53 संदिग्ध बैंक खाते मिले हैं। इल्हाम ने कुल 98 ट्रांजेक्शन के जरिए 8 करोड़ रुपये से अधिक की राशि इधर-उधर की।


  • दूसरी पत्नी लुबना: 2.37 करोड़ रुपये
  • तीसरी पत्नी आजरा खान: 2.12 करोड़ रुपये
  • पहली पत्नी अर्शी: 1.15 करोड़ रुपये
  • साली फातिमा: 1.03 करोड़ रुपये
  • सास नाहिद: 95 लाख रुपये


7 महिलाएं गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार


घोटाले का खुलासा तब हुआ जब बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने संदिग्ध ट्रांजेक्शन को लेकर डीएम को पत्र लिखा। इसके बाद हुई जांच में इल्हाम के काली कमाई के साम्राज्य का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इल्हाम की दो पत्नियों, साली, सास और अन्य महिला मददगारों सहित 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पहली पत्नी अर्शी पहले ही जेल जा चुकी है।



एडिशनल एसपी विक्रम दहिया के मुताबिक, अब तक 5 करोड़ 50 लाख रुपये फ्रीज कराए जा चुके हैं। इल्हाम ने इस पैसे से गाजियाबाद, बिजनौर और अलीगढ़ जैसे शहरों में महंगे फ्लैट और जमीनें भी खरीदी थीं। फिलहाल मुख्य आरोपी इल्हाम फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।