पीलीभीत में अवैध खनन पर सीएम की सख्त नाराजगी

पीलीभीत में अवैध खनन के मामले में मुख्यमंत्री की सख्त नाराजगी सामने आई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए। हालांकि, खनन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं, जिससे सवाल उठता है कि क्या खनन विभाग का संरक्षण उन्हें मिल रहा है। डीएम ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन जारी रहा, तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। अब देखना होगा कि सीएम की नाराजगी के बाद क्या कार्रवाई होती है।
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पीलीभीत में अवैध खनन पर सीएम की सख्त नाराजगी gyanhigyan

सीएम की चेतावनी और खनन माफिया का बेलगाम रवैया

पीलीभीत: प्रदेश के अधिकारियों की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अवैध खनन के मामले में कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने निर्देश दिया कि अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए, लेकिन खनन माफिया जिले में बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। खनन अधिकारी सुभाष सिंह के इशारों पर यह सब हो रहा है, जबकि सीएम और डीएम के आदेशों का कोई असर नहीं दिख रहा।


पीलीभीत में अवैध खनन पर सीएम की सख्त नाराजगी


सीएम की नाराजगी के बाद, डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने एसडीएम को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन जारी रहा, तो जिम्मेदारी तय की जाएगी और कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिले में जेसीबी और डंपर लगातार चल रहे हैं, तो खनन अधिकारी सुभाष सिंह क्यों चुप हैं?


ग्राउंड पर स्थिति यह है कि उपजाऊ भूमि का अवैध खनन हो रहा है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित है। क्या अवैध खनन की इतनी बड़ी मशीनरी बिना विभागीय सहयोग के चल सकती है?


क्या खनन माफियाओं को खनन विभाग का खुला संरक्षण प्राप्त है? इस स्थिति में केवल कार्रवाई दिखावे तक सीमित रह गई है। हालांकि, अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। अब देखना होगा कि सीएम की नाराजगी के बाद खनन पर क्या प्रभाव पड़ता है।