पीलीभीत के चपरासी ने सरकारी खजाने से लूटे 8 करोड़ रुपये

पीलीभीत के एक चपरासी ने इश्क के नाम पर सरकारी खजाने से 8 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। उसने तीन पत्नियों और कई प्रेमिकाओं के लिए महंगी जीवनशैली का आनंद लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसकी सात महिला सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच जारी है कि इस घोटाले में और कौन शामिल है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और सरकारी धन की वसूली की प्रक्रिया के बारे में।
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पीलीभीत के चपरासी ने सरकारी खजाने से लूटे 8 करोड़ रुपये gyanhigyan

पीलीभीत में सरकारी धन का बड़ा घोटाला

पीलीभीत समाचार: कहते हैं कि प्यार इंसान से वो सब करवा सकता है, जो कभी सोचा भी नहीं जा सकता। लेकिन पीलीभीत के एक साधारण चपरासी ने इश्क के नाम पर सरकारी खजाने को लूट लिया। तीन पत्नियों और कई प्रेमिकाओं के साथ, उसने महंगे फ्लैट, जमीनें और एक शानदार जीवनशैली का आनंद लिया, और यह सब सरकारी धन से किया। शिक्षा विभाग के DIOS कार्यालय में कार्यरत चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी ने लगभग 8 करोड़ रुपये की हेराफेरी की।


पीलीभीत के चपरासी ने सरकारी खजाने से लूटे 8 करोड़ रुपये


इल्हाम चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी था, लेकिन उसकी जीवनशैली किसी बड़े रईस से कम नहीं थी। जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज में लिपिक रहते हुए, उसने DIOS कार्यालय में अपनी अच्छी पकड़ बना ली। ट्रेजरी ऑफिस की प्रक्रियाओं को समझते हुए, इल्हाम ने फर्जी बेनेफिशियरी आईडी बनाकर सरकारी फंड को अपने और अपने करीबी लोगों के खातों में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। जांच में यह सामने आया कि उसने 53 संदिग्ध खातों में 98 ट्रांजेक्शन के जरिए 8 करोड़ रुपये से अधिक का खेल खेला।


अपनी एक पत्नी अर्शी खातून के खाते में ही उसने 1 करोड़ 1 लाख रुपये से अधिक भेजे। बाकी पैसे उसकी अन्य पत्नियों और प्रेमिकाओं के महंगे शौक पूरे करने में खर्च हुए। उसने फ्लैट खरीदे, जमीनें लीं और ऐशो-आराम का साम्राज्य स्थापित किया।


सात महिलाओं की गिरफ्तारी


सितंबर 2024 से चल रहे इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। मुख्य आरोपी इल्हाम शम्सी की सात महिला सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें लुबना, फातिमा, परवीन खातून, आशकारा परवीन, अजारा खान, नाहिद और आफिया खान शामिल हैं। इल्हाम की पत्नी अर्शी खातून पहले से ही जेल में है। एडिशनल एसपी विक्रम दहिया के अनुसार, पुलिस ने इन खातों में मौजूद 5 करोड़ 50 लाख 54 हजार 594 रुपये को फ्रीज कर दिया है। अब पूरी जांच चल रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन शामिल था। फर्जी आईडी और वेतन बिल टोकन जनरेशन के जरिए किए गए इस घोटाले ने विभाग की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


महंगी कीमत का रंगीन मिजाज


इल्हाम शम्सी की कहानी अब एक फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह लग रही है। एक साधारण चपरासी कैसे इतने बड़े घोटाले का मास्टरमाइंड बन गया, यह जांच का विषय है। लेकिन यह स्पष्ट है कि प्यार के नाम पर उसने सरकारी खजाने को खूब लूटा। अब देखना यह है कि बाकी बचे पैसे की कितनी वसूली हो पाती है और इस पूरे मामले में और कितने खिलाड़ी सामने आते हैं। पुलिस का कहना है कि सरकारी धन की एक-एक पाई का हिसाब लिया जाएगा और इस मामले में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।