पीएम मोदी का सोमनाथ मंदिर पर भावुक लेख: स्वाभिमान पर्व का जश्न

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर पर एक महत्वपूर्ण ब्लॉग पोस्ट में महमूद गजनवी के आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ पर 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का जश्न मनाने की बात की। उन्होंने सोमनाथ को भारत की आत्मा का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह कहानी विध्वंस की नहीं, बल्कि पुनर्निर्माण और स्वाभिमान की है। पीएम मोदी ने मंदिर के पुनर्निर्माण की प्रेरणादायी यात्रा का भी उल्लेख किया और कहा कि आक्रमणकारी इतिहास में धूल बन गए हैं, जबकि सोमनाथ आज भी गर्व से खड़ा है।
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पीएम मोदी का सोमनाथ मंदिर पर भावुक लेख: स्वाभिमान पर्व का जश्न

सोमनाथ मंदिर पर पीएम मोदी का ब्लॉग

नई दिल्ली, 5 जनवरी 2026 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ मंदिर पर एक महत्वपूर्ण ब्लॉग पोस्ट साझा किया है। यह लेख 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी द्वारा किए गए पहले बड़े आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ के अवसर पर लिखा गया है। पीएम मोदी ने इस अवसर को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, जो भारत की अटूट आस्था और पुनर्निर्माण की शक्ति का प्रतीक है।


अपने ब्लॉग में पीएम मोदी ने लिखा, “सोमनाथ… इस नाम से ही हमारे मन में गर्व और आस्था की भावना जागृत होती है।” उन्होंने सोमनाथ को भारत की आत्मा का शाश्वत प्रतीक बताया और कहा कि वर्ष 2026 इस मंदिर के लिए विशेष है, क्योंकि जनवरी 1026 में गजनवी ने इस पवित्र स्थल पर आक्रमण किया था। यह हमला केवल एक मंदिर को नष्ट करने का प्रयास नहीं था, बल्कि भारतीय सभ्यता और आस्था पर एक बड़ा प्रहार था।


महमूद गजनवी का आक्रमण: ऐतिहासिक संदर्भ

ऐतिहासिक संदर्भ: महमूद गजनवी का आक्रमण



  • जनवरी 1026 में महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया।

  • मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया, शिवलिंग को खंडित किया गया और अपार धन-संपत्ति लूटी गई।

  • हजारों श्रद्धालु मारे गए, लेकिन भारतीय समाज ने हार नहीं मानी।

  • यह हमला मध्यकालीन बर्बरता की शुरुआत था, जिसने आगे चलकर अन्य आक्रमणकारियों को भी प्रेरित किया।


स्वाभिमान और पुनर्निर्माण की गाथा

पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ की कहानी विध्वंस की नहीं, बल्कि स्वाभिमान और पुनर्निर्माण की गाथा है। उन्होंने कहा, “महमूद गजनवी लूटकर चला गया, लेकिन सोमनाथ के प्रति हमारी भावना को हमसे छीन नहीं सका।” हर बार जब मंदिर टूटा, भारतीयों ने इसे फिर से खड़ा किया।


पुनर्निर्माण की प्रेरणादायी यात्रा

पुनर्निर्माण की प्रेरणादायी यात्रा



  • 1026 के बाद कई बार मंदिर पर हमले हुए, लेकिन हर पीढ़ी ने इसे जीवंत किया।

  • महारानी अहिल्याबाई होल्कर जैसी महान व्यक्तियों ने पुनरुद्धार में योगदान दिया।

  • स्वतंत्र भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से 1951 में मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण हुआ। राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 11 मई 1951 को इसका उद्घाटन किया।

  • 2026 में यह पुनर्निर्माण के 75 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं।


आगे की योजना

आगे की योजना


पीएम मोदी 11 जनवरी 2026 को सोमनाथ मंदिर का दौरा करेंगे और स्वाभिमान पर्व के समापन समारोह में शामिल होंगे। यह पर्व पूरे वर्ष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा।


सोमनाथ का गौरव

पीएम मोदी ने लिखा कि आक्रमणकारी इतिहास के पन्नों में धूल बन गए, लेकिन सोमनाथ आज भी गौरव से खड़ा है। यह भारत की अजेय भावना का प्रतीक है – “मिटाने की मानसिकता रखने वाले खत्म हो जाते हैं, जबकि सोमनाथ हमारे विश्वास का मजबूत आधार बनकर खड़ा है।”