पीएम मोदी और पीयूष गोयल के फर्जी AI वीडियो का खुलासा

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के फर्जी AI वीडियो का खुलासा किया है। ये वीडियो छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाए गए थे। PIB की फैक्ट चेक यूनिट ने बताया कि ये डीपफेक वीडियो हैं, जो लोगों को गुमराह करने के लिए बनाए गए हैं। पीएम मोदी और गोयल ने इन वीडियो में दिखाए गए बयान नहीं दिए हैं। जानें इस मामले में और क्या जानकारी सामने आई है।
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फैक्ट चेक यूनिट की जांच

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के उन वीडियो की सच्चाई का पता लगाया है, जो हाल ही में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। PIB की फैक्ट चेक यूनिट ने स्पष्ट किया है कि ये वीडियो AI द्वारा निर्मित डीपफेक हैं, जो लोगों को भ्रामक जानकारी देने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। यूनिट ने बताया कि न तो पीएम मोदी और न ही गोयल ने उन क्लिप में दिखाए गए बयान दिए हैं, और यह भी बताया कि पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा अकाउंट इन वीडियो को फैलाने में शामिल हैं।


 


इन फर्जी वीडियो क्लिप में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री को राजधानी और अन्य राज्यों में हो रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में छात्रों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए दिखाया गया है। पाकिस्तानी सूचना आयोग (PIB) ने 'एक्स' पर जारी एक बयान में कहा कि पाकिस्तानी दुष्प्रचार करने वाले खाते पीएम मोदी का एक वीडियो प्रसारित कर रहे हैं, जिसमें दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के संबंध में उनके द्वारा दिए गए मनगढ़ंत बयान दिखाए गए हैं, जबकि उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा।


 


इसमें यह भी कहा गया है कि पीएम मोदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। लोगों से अपील की गई है कि वे भारत सरकार से जुड़ी संदिग्ध जानकारी की रिपोर्ट 'फैक्ट चेक यूनिट' को करें: 1. WhatsApp: +91 8799711259 2. Email: factcheck@pib.gov.in। प्रोपेगैंडा फैलाने वाले हैंडल्स ने गुरुवार रात पीएम मोदी के उस वीडियो में डिजिटल रूप से बदलाव किया, जिसमें उन्होंने NEET-UG पेपर लीक के मुद्दे पर बात की थी और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया था। इसके अलावा, संसद के बाहर पीयूष गोयल के बयान में भी छेड़छाड़ की गई थी।