पालघर में पुलिस कार्रवाई के दौरान तीन युवकों की मौत, जांच शुरू

पालघर में एक दुखद घटना में तीन युवकों की मौत हो गई जब वे पुलिस की कथित लाठीचार्ज से बचने के प्रयास में रेलवे ट्रैक पर पहुंचे। चश्मदीदों के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई के डर से युवक भागे और एक तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आ गए। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं और घटना की गहन जांच की मांग की है। राजकीय रेलवे पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा कर रही है और रेलवे सुरक्षा पर सवाल उठाती है।
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पालघर में पुलिस कार्रवाई के दौरान तीन युवकों की मौत, जांच शुरू

पालघर में हुई दुखद घटना

महाराष्ट्र के पालघर से एक दिल दहला देने वाली घटना की जानकारी मिली है। पालघर ईस्ट के जैन मंदिर क्षेत्र में पुलिस की कथित कार्रवाई के दौरान तीन युवकों ने अपनी जान गंवा दी। जब ये युवक रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार मालगाड़ी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चश्मदीदों और परिवार के सदस्यों का कहना है कि स्थानीय पुलिस वहां पहुंची और अचानक लाठीचार्ज शुरू कर दिया। पुलिस के डर से युवक घबराकर रेलवे ट्रैक की ओर भागे, जहां वे मालगाड़ी को देख नहीं पाए।


जैन मंदिर के निकट की घटना

यह दुखद घटना ओल्ड पालघर के जैन मंदिर के पास हुई। मृतकों में स्वप्निल शैलेश पालंदे (23), कुणाल कुमार दुबला (23) और अफरोज खलील शेख (28) शामिल हैं, जो सभी वीरेंद्र नगर के निवासी थे। चश्मदीदों के अनुसार, जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो युवक वहीं मौजूद थे। आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे घबराकर युवक रेलवे ट्रैक की ओर भागने लगे। इस हताशा में, वे सीधे सामने आ रही मालगाड़ी के रास्ते में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई।


परिजनों का आरोप: पुलिस की बर्बरता

शोक में डूबे परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लाठीचार्ज पूरी तरह से बेवजह था और युवकों के रेलवे ट्रैक की ओर भागने के लिए पुलिस ही जिम्मेदार है। मृतकों में से एक की बहन दर्शना सिंह और रिश्तेदार सूरज सिंह ने घटना की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि ये युवक संभवतः किसी मामूली विवाद या जांच में शामिल थे, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से डरकर रेलवे ट्रैक की ओर भागे। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है, और लोग पुलिस के आचरण पर सवाल उठा रहे हैं।


GRP की प्रतिक्रिया: जांच जारी

घटना की जानकारी मिलते ही, राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने घटनाक्रम की सही जानकारी जुटाने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पुलिस ने हस्तक्षेप क्यों किया और क्या अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया। पालघर पुलिस का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह महज एक दुर्घटना थी या इसका किसी पूर्व घटना से संबंध था।


पुलिस की अपील और समुदाय का शोक

पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले फोरेंसिक रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयानों का इंतजार करें। पूरा समुदाय इन युवकों की असामयिक मृत्यु पर शोक मना रहा है। यह घटना एक बार फिर रेलवे सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कार्यों से जुड़ी चिंताओं को उजागर करती है।