पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर छात्रों का हंगामा: स्थिति नियंत्रण में
पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर छात्रों के हंगामे की स्थिति को लेकर हाजीपुर के जनसंपर्क अधिकारी ने जानकारी दी। हजारों छात्रों ने परीक्षा के लिए स्टेशन पर पहुंचकर एक ट्रेन को रोका, जिसके बाद हंगामा शुरू हुआ। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 150 उपद्रवी जानबूझकर स्थिति को बिगाड़ने में शामिल थे। एक स्थानीय दुकानदार ने अपनी जान बचाने की कहानी सुनाई, जिसमें उसकी दुकान को नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने छात्रों की वापसी के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है।
| Jun 14, 2026, 12:05 IST
पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर स्थिति स्पष्ट
हाजीपुर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हुई पत्थरबाजी और हंगामे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार रात बिहार एक्साइज कॉन्स्टेबल परीक्षा के लिए हजारों छात्र स्टेशन पर मौजूद थे। छात्रों ने एक ट्रेन (नंबर 2488) को रोककर उसमें चढ़ने का प्रयास किया। रेलवे प्रशासन ने छात्रों के लिए पूरी तैयारी की थी और रात 2:30 बजे कटिहार के लिए एक विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई, जो सुबह 5:47 बजे रवाना हुई।
150 उपद्रवियों ने जानबूझकर किया हंगामा
CPRO सरस्वती चंद्र के अनुसार, सिविल पुलिस की रिपोर्ट में बताया गया है कि भीड़ में लगभग 150 लोग शामिल थे, जिन्होंने खुद को छात्र बताकर जानबूझकर हंगामा किया। वर्तमान में स्टेशन की स्थिति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने आश्वासन दिया कि परीक्षा के बाद छात्रों की वापसी के लिए भी विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई है।
स्थानीय दुकानदार की आपबीती
इस हिंसक झड़प में फंसे एक स्थानीय दुकानदार संजय कुमार शर्मा ने अपनी कहानी साझा की। उन्होंने कहा, "शुरुआत में छात्रों ने ट्रेनें रोक दी थीं। जब प्रशासन ने रास्ता साफ करने की कोशिश की, तो भीड़ ने विरोध किया। इसके बाद भारी हंगामा और हिंसा शुरू हो गई। उपद्रवियों ने मेरी दुकान को पूरी तरह से तोड़ दिया और अंदर बड़े पत्थर फेंके। मैं किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा, अन्यथा गंभीर स्थिति बन सकती थी।"
छात्रों की संख्या और ट्रेनें
दुकानदार संजय कुमार ने बताया कि परीक्षा देने आए छात्रों की संख्या हजारों में थी, लेकिन उनके लिए ट्रेनें बहुत कम थीं। ट्रेन न मिलने के कारण छात्रों में गुस्सा बढ़ गया, जिससे यह विवाद उत्पन्न हुआ।
