पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि: मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष का प्रभाव विश्वभर में महसूस किया जा रहा है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही रोकने के कारण कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति श्रृंखला गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। इससे कई देशों में तेल और गैस की कमी हो गई है, जिसके चलते सरकारों को कीमतों में वृद्धि करनी पड़ रही है। हालांकि, भारत में पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं आया है। वहीं, पड़ोसी देश पाकिस्तान में कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों में अभूतपूर्व वृद्धि की है।
हालिया वृद्धि के बाद, पेट्रोल की कीमत 458.40 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत 520.35 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गई है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने घोषणा की है कि पेट्रोल के दाम 137.24 रुपये बढ़ाकर 458.4 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) का रेट 184.49 रुपये बढ़ाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर किया गया है।
केरोसीन की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। पाकिस्तान सरकार ने केरोसीन के दाम में 34.08 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है, जिससे इसकी कीमत 457.80 रुपये प्रति लीटर हो गई है। मंत्री मलिक के अनुसार, नई कीमतें शुक्रवार से लागू की गई हैं। हालिया वृद्धि के बाद, पेट्रोल की कीमत 450 PKR के स्तर को पार कर गई है। ईंधन की लागत में अब तक 40% से अधिक का इजाफा हुआ है।
पाकिस्तान में नई कीमतें (3 अप्रैल 2026 से लागू):
पेट्रोल: 458.40 PKR प्रति लीटर (बढ़ोतरी: 137.24 PKR)
डीजल: 520.35 PKR प्रति लीटर (बढ़ोतरी: 184.49 PKR)
केरोसिन: 457.80 PKR प्रति लीटर (बढ़ोतरी: 34.08 PKR)
दाम में वृद्धि का कारण:
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी 2026 से चल रहा संघर्ष।
होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना, जो विश्व का 20% ईंधन और गैस इसी रास्ते से आता है।
इन कारणों से वैश्विक स्तर पर ईंधन की कमी और तेल की कीमतों में भारी उछाल आया। पाकिस्तान सरकार ने पहले दो प्रस्तावों को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा खारिज कर दिया था, लेकिन अब वैश्विक दबाव के कारण भारी वृद्धि को मंजूरी दी गई है। पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बाद महंगाई दर बढ़ने की आशंका है, जिससे परिवहन, कृषि और दैनिक यात्रा की लागत में जबरदस्त इजाफा होगा.
