पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने भारत के साथ संघर्ष को बताया विचारधाराओं की लड़ाई

पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने हाल ही में भारत के साथ पिछले साल हुए संघर्ष को दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई के रूप में वर्णित किया। उन्होंने इस दौरान पाकिस्तान की रणनीति को भारत की तुलना में बेहतर बताया। इस लेख में जानें कि कैसे भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत हवाई हमले किए और पाकिस्तान ने किस प्रकार जवाबी कार्रवाई की। मुनीर के दावों और भारत के खंडन के बीच की जटिलताएँ भी इस चर्चा का हिस्सा हैं।
 | 
पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने भारत के साथ संघर्ष को बताया विचारधाराओं की लड़ाई gyanhigyan

पाकिस्तान के रक्षा बलों का बयान

पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने रविवार को भारत के साथ पिछले साल हुए संघर्ष को 'दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई' के रूप में वर्णित किया। रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय में आयोजित 'मारकाएहक' की पहली वर्षगांठ समारोह में उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के दौरान पाकिस्तान की रणनीति भारत की तुलना में अधिक प्रभावी थी।


22 अप्रैल 2025 को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 26 लोगों की हत्या के जवाब में, भारत ने 6-7 मई 2025 की रात 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए, जिसमें कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए।


पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने भारत के साथ संघर्ष को बताया विचारधाराओं की लड़ाई


इस कार्रवाई के बाद तनाव में तेजी से वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान ने जवाबी हमले किए, लेकिन अधिकांश को भारतीय सेना ने विफल कर दिया। 10 मई 2025 को दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच 'हॉटलाइन' पर बातचीत के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।


मुनीर ने आरोप लगाया कि भारत ने 6-7 मई की रात और 10 मई के बीच पाकिस्तान की 'संप्रभुता और क्षेत्र का उल्लंघन' किया और कहा कि पाकिस्तान ने 'पूर्ण राष्ट्रीय एकता और सैन्य बल' के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'मारकाएहक केवल दो देशों या सेनाओं के बीच लड़ा गया एक पारंपरिक युद्ध नहीं था, बल्कि यह वास्तव में दो विचारधाराओं के बीच एक निर्णायक लड़ाई थी।' हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।


पाकिस्तानी सेना के प्रमुख ने यह भी कहा कि भारत ने अमेरिका के माध्यम से युद्धविराम की मांग की थी, जिस पर पाकिस्तान ने 'शांति के हित में' सहमति जताई। भारत ने पहले ही अमेरिका के किसी भी हस्तक्षेप का खंडन किया है और कहा है कि सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत में बनी थी।