पाकिस्तान की भूमिका पर बड़ा खुलासा: अमेरिका के इशारे पर सीजफायर में सक्रियता

पाकिस्तान की भूमिका पर एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यह अमेरिका के इशारे पर ईरान के साथ सीजफायर के लिए सक्रिय था। अमेरिका ने पाकिस्तान को ईरान के पास भेजा और चीन से भी संपर्क किया। इस्लामाबाद में प्रस्तावित बैठक में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। क्या यह ईरान के साथ धोखा है? जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में।
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पाकिस्तान की भूमिका पर बड़ा खुलासा: अमेरिका के इशारे पर सीजफायर में सक्रियता

पाकिस्तान की भूमिका का खुलासा

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे सीजफायर में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नई जानकारियाँ सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान न तो मध्यस्थता कर रहा था और न ही संदेशवाहक की भूमिका में था। इसके बजाय, यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान अमेरिका के निर्देशों पर सीजफायर के लिए सक्रिय था। अमेरिका के कहने पर पाकिस्तान ने ईरान को प्रस्ताव भेजा और इस्लामाबाद ने चीन से भी संपर्क किया ताकि ईरान को मनाया जा सके। पाकिस्तान के राजदूत ने इस सीजफायर में चीन की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया है।


पाकिस्तान की भूमिका पर बड़ा खुलासा: अमेरिका के इशारे पर सीजफायर में सक्रियता
ईरान के साथ धोखा? सीजफायर में अमेरिका के इशारे पर काम कर रहा था पाकिस्तान…24 घंटे बाद खुलासा


यह जानकारी तब आई है जब इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर पर बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में अमेरिका की ओर से उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की ओर से संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ शामिल होंगे।


सीजफायर में अमेरिका का सहयोगी पाकिस्तान

सीजफायर में US का पिट्ठू पाकिस्तान, 3 रिपोर्ट


1. फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, अमेरिका ने अंतिम समय में पाकिस्तान को ईरान के पास भेजा। अमेरिका ने खुद प्रस्ताव तैयार किया और उसे ईरान को देने के लिए कहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अप्रैल को ईरान पर हमले की बात कही थी, लेकिन व्हाइट हाउस के कई अधिकारी बातचीत के पक्ष में थे।


ईरान से संपर्क के लिए पाकिस्तान सबसे उपयुक्त विकल्प था, क्योंकि यह ईरान का पड़ोसी है और युद्ध के दौरान तेहरान ने पाकिस्तान पर कोई हमला नहीं किया।


2. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका से ईरान के लिए जो संदेश भेजा गया, उसकी प्रक्रिया को व्हाइट हाउस ने पूरी तरह से मॉनिटर किया। यहां तक कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा किए गए पोस्ट को भी व्हाइट हाउस ने अनुमोदित किया।


रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने सीजफायर मीटिंग में वही किया जो अमेरिका ने निर्देशित किया था। जब ईरान ने मना किया, तब पाकिस्तान ने चीन से संपर्क किया, जिसके बाद ईरान सीजफायर के लिए सहमत हुआ।


3. अमेरिका के निर्देश पर इस्लामाबाद में बैठक प्रस्तावित की गई। शनिवार को ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर पर मीटिंग होगी। पाकिस्तान में यह बैठक अमेरिका के दो उद्देश्यों के लिए महत्वपूर्ण है: पहला, पाकिस्तान को ईरान पर दबाव बनाने के लिए प्रेरित करना और दूसरा, इस्लामाबाद को पश्चिम एशिया में अधिक महत्व देना।


यह पहली बार है जब पाकिस्तान में युद्ध विराम से संबंधित कोई बैठक हो रही है, जिसमें अमेरिका जैसे देशों की भागीदारी है।


क्या यह ईरान के साथ धोखा है?

सवाल- क्या यह ईरान के साथ धोखा है?


ईरान ने इस मामले पर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है, लेकिन लेबनान में इजराइली हमले के बाद पाकिस्तान को आगे कर अमेरिका पर निशाना साधा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पोस्ट को साझा करते हुए लिखा कि दुनिया देख रही है कि अमेरिका सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है।


पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में लेबनान पर हमले की बात भी कही थी।