पाकिस्तान और ईरान के बीच शांति वार्ता की संभावनाएं बढ़ीं
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत
रविवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ फोन पर बातचीत की। यह चर्चा लगभग 45 मिनट तक चली, जिसमें दोनों नेताओं ने वर्तमान क्षेत्रीय परिस्थितियों पर गहन विचार-विमर्श किया। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के दूसरे चरण की उम्मीदें जताई जा रही हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, शहबाज ने इस दौरान सऊदी अरब, कतर और तुर्की के नेताओं के साथ अपनी हाल की बातचीत की जानकारी भी साझा की। बातचीत को सकारात्मक और मित्रवत बताया गया।
अमेरिकी डेलिगेशन की इस्लामाबाद यात्रा
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी डेलिगेशन सोमवार को इस्लामाबाद पहुंचेगा और ईरान के साथ शांति वार्ता करेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि उनकी टीम बातचीत के लिए पाकिस्तान जा रही है। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इस वार्ता में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने कहा कि इस्लामाबाद में दूसरे दौर की बातचीत को लेकर चल रही खबरें गलत हैं।
ईरान की शर्तें
दूसरे दौर की वार्ता को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने यह शर्त रखी है कि वह तभी बातचीत में शामिल होगा जब अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाएगा। यह जानकारी ईरान के पाकिस्तान में राजदूत और अन्य स्रोतों ने दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने ईरान को बातचीत में शामिल होने के लिए मनाने की कोशिश की है।
युद्धविराम की स्थिति
इससे पहले, 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच सीधे बातचीत हुई थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया था। नए दौर की बातचीत से उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है और दो हफ्ते का युद्धविराम, जो 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है, बढ़ाया जा सकता है।
पाकिस्तान की शांति प्रयासों की सराहना
शहबाज शरीफ ने पहले दौर की बातचीत में भाग लेने के लिए ईरान का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रयासरत रहेगा। ईरान के राष्ट्रपति ने भी पाकिस्तान की कोशिशों की सराहना की और कहा कि दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे। इस दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया।
