पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता तनाव: भारत पर आरोप

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात गंभीर हो चुके हैं, जहां सीमा पर झड़पों ने संघर्ष का रूप ले लिया है। पाकिस्तान ने तालिबान पर आरोप लगाया है कि वह भारत के इशारों पर काम कर रहा है। इस बीच, पाकिस्तान ने अपने सैनिकों की हताहत होने की बात कही है और जवाबी कार्रवाई के तहत एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया है। जानिए इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो रहा है सीमा पर।
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव की स्थिति

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात अब बेहद गंभीर हो चुके हैं। सीमा पर महीनों से चल रहे तनाव ने अब खुला संघर्ष का रूप ले लिया है। हाल की झड़पों के बाद पाकिस्तान के नेताओं के बयानों में आक्रामकता बढ़ गई है। पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि तालिबान भारत के इशारों पर काम कर रहा है। इस स्थिति में पाकिस्तान ने सीधे भारत का नाम लिया है। अब सवाल यह है कि यह पूरा मामला क्या है और सीमा पर क्या घटनाएं हुई हैं।


सीमा पर झड़पों का विवरण

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर लंबे समय से तनाव बना हुआ है, लेकिन हाल की घटनाओं ने इसे और भी गंभीर बना दिया है। सूत्रों के अनुसार, सीमा के पास कई स्थानों पर गोलीबारी और हमले हुए हैं। इन झड़पों के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले का आरोप लगाया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि तालिबान ने सीमा के अंदर घुसकर हमला किया है और अफगानिस्तान को भारत का प्रॉक्सी बना दिया है। उनका कहना है कि वहां आतंकवादियों को इकट्ठा किया जा रहा है और आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है।


पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान, जो आतंकवादियों को समर्थन देता है, अब भारत पर आरोप लगा रहा है। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान ने कई बार संबंध सुधारने की कोशिश की, लेकिन हालात और खराब होते गए। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान का धैर्य खत्म हो चुका है और संघर्ष शुरू हो चुका है। हाल ही में रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार रात सीमा पर बड़ा हमला हुआ।


पाकिस्तानी सैनिकों की हताहत

पाकिस्तान के दावों के अनुसार, अफगान हमलों में लगभग 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की। पाकिस्तान ने एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया, जिसका नाम ऑपरेशन गजब लिल हक रखा गया। इस ऑपरेशन के तहत कई तालिबानी ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तानी सरकार के अनुसार, इस कार्रवाई में 130 से अधिक तालिबानी लड़ाके मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए हैं।