पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में प्रदर्शन: सेना की गोलीबारी से 30 की मौत
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हालात बिगड़ते जा रहे हैं
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्वतंत्रता की मांग तेज हो गई है। हाल ही में, पाकिस्तान सेना ने प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिससे कम से कम 30 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा, 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 9 जून को एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था, जो पीओके का सबसे बड़ा नागरिक अधिकार संगठन है। यह संगठन लंबे समय से स्थानीय लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है।
प्रदर्शन के पीछे की वजह
JAAC के नेतृत्व में, पीओके के लोग पिछले कुछ महीनों से शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार और सेना उनके साथ भेदभाव कर रही है। वे यह भी कहते हैं कि पाकिस्तान उनके प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहा है, लेकिन बदले में उन्हें केवल भेदभाव मिलता है।
इंटरनेट सेवाओं का ठप होना
रावलकोट इस प्रदर्शन का केंद्र बना हुआ है, जहां प्रशासन ने JAAC के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। प्रशासन ने JAAC पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इसके अलावा, 9 जून को प्रस्तावित लॉन्ग मार्च से पहले सुरक्षा उपायों को लागू किया गया है। आंदोलन से जुड़े नेताओं का कहना है कि 5 जून से पूरे क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
पिछले प्रदर्शनों का इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में ऐसे प्रदर्शन हुए हैं। JAAC ने पहले भी कई बार प्रदर्शन किए हैं। जब भी प्रदर्शन होते हैं, पाकिस्तान की सरकार लोगों की मांगों को पूरा करने का वादा करती है, लेकिन बाद में इससे मुकर जाती है।
2023 में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े थे, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी।
