पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी के विधायकों की संख्या 64, कांग्रेस के साथ विलय की योजना नहीं
पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी के नेता रिताब्रता बनर्जी ने 64 विधायकों के समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने कांग्रेस के साथ विलय की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनका समूह स्वतंत्र रूप से कार्य करेगा। बनर्जी ने स्पष्ट किया कि न तो सांसद और न ही अन्य प्रतिनिधि कांग्रेस में विलय कर रहे हैं। यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनमें कांग्रेस के साथ विलय की चर्चा की गई थी। टीएमसी ने कहा है कि किसी भी स्तर पर विलय पर चर्चा नहीं हुई है और उनका ध्यान भाजपा के खिलाफ एकजुटता बनाए रखने पर है।
| Jun 10, 2026, 19:28 IST
टीएमसी नेता रिताब्रता बनर्जी का बयान
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता रिताब्रता बनर्जी ने बुधवार (10 जून) को यह जानकारी दी कि उनके समूह को विधानसभा में 64 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के साथ विलय की कोई योजना नहीं है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए बनर्जी ने कहा कि वर्तमान में उनके पास 64 विधायक हैं, जो स्पीकर को पत्र सौंपने के लिए आएंगे। इससे पहले, 3 जून को, पार्टी से निकाले गए विधायकों में से रिताब्रता बनर्जी को विधानसभा स्पीकर रथिंद्र बोस ने विपक्ष का नेता घोषित किया था। उन्हें टीएमसी के 80 में से 58 विधायकों का समर्थन प्राप्त था, जो एक अलग विधायी समूह के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत से अधिक है। इस प्रकार, पश्चिम बंगाल विधानसभा में एक नए गुट के गठन की औपचारिक शुरुआत हुई।
कांग्रेस के साथ विलय पर टीएमसी का रुख
कांग्रेस के साथ TMC के विलय पर रिताब्रता बनर्जी
टीएमसी नेता ने यह भी कहा कि कांग्रेस के साथ संभावित विलय की अटकलों के बीच उनका समूह स्वतंत्र रूप से कार्य करना जारी रखेगा। बनर्जी ने स्पष्ट किया कि टीएमसी का कांग्रेस के साथ विलय नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा, 'हमें पश्चिम बंगाल विधानसभा में 64 विधायकों का समर्थन प्राप्त है।' उन्होंने आगे कहा कि हमारी लेजिस्लेटिव पार्टी का कांग्रेस में विलय नहीं हो रहा है। संसद में हमारे सांसदों में से दो-तिहाई से अधिक भी कांग्रेस में विलय नहीं कर रहे हैं। तो फिर, कौन किसके साथ विलय कर रहा है?
विलय की अटकलों का खंडन
बनर्जी ने कहा कि उनके पास जो जानकारी है, उसके अनुसार न तो सांसद जा रहे हैं, न नगर पालिका के प्रतिनिधि, न ज़िला परिषद के सदस्य और न ही पंचायत सदस्य। तो फिर, कौन जा रहा है? विलय का कोई सवाल ही नहीं उठता। यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनमें कहा गया था कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस का कांग्रेस में विलय करने की सलाह दी थी। हालांकि, टीएमसी के शीर्ष सूत्रों ने आज कांग्रेस के साथ संभावित विलय की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है। टीएमसी ने यह भी स्पष्ट किया कि विलय को लेकर किसी भी स्तर पर कोई चर्चा नहीं हुई है। इसके बजाय, ध्यान इस बात पर केंद्रित किया गया है कि विपक्षी गठबंधन में शामिल पार्टियां भाजपा के खिलाफ अधिक प्रभावी ढंग से मिलकर काम करें और राज्य स्तर पर मतभेदों के बावजूद एकजुटता बनाए रखें।
