पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी की कैबिनेट का ऐतिहासिक विस्तार
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ है, जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी कैबिनेट का बड़ा विस्तार किया। 35 नए मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें कई प्रमुख नेता शामिल हैं जिन्होंने हाल के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली नेताओं को हराया। इस विस्तार के साथ, सरकार का विकासोन्मुखी दृष्टिकोण स्पष्ट है। जानें विस्तार की पूरी जानकारी और नए मंत्रियों की सूची।
| Jun 1, 2026, 13:28 IST
मुख्यमंत्री का कैबिनेट विस्तार
सोमवार को पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी कैबिनेट का पहला बड़ा विस्तार किया। कोलकाता के राजभवन में आयोजित एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 35 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आर. एन. रवि ने सभी नए मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई। इस विस्तार के साथ, सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गढ़ों को ध्वस्त करने वाले अपने विश्वसनीय और आक्रामक नेताओं को सरकार में शामिल किया है।
संवैधानिक सीमाएं और कैबिनेट का आकार
भारत के संविधान के अनुच्छेद 164(1A) के अनुसार, किसी भी राज्य में मंत्रियों की कुल संख्या, मुख्यमंत्री सहित, विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या का 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। इस नियम के अनुसार, पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 44 मंत्री हो सकते हैं।
टीएमसी के खिलाफ कड़ी टक्कर देने वाले चेहरे
इस कैबिनेट विस्तार की एक खास बात यह है कि इसमें उन नेताओं को शामिल किया गया है जिन्होंने हालिया चुनावों में ममता बनर्जी की पार्टी (TMC) के प्रभावशाली नेताओं को पराजित किया। अर्जुन सिंह, तापस रॉय, स्वपन दासगुप्ता, शंकर घोष और पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा जैसे प्रमुख नेताओं को शामिल कर, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकार का दृष्टिकोण विकासोन्मुखी और आक्रामक रहेगा।
नए मंत्रियों की सूची
सुवेंदु अधिकारी की कैबिनेट के इस मेगा विस्तार में 35 मंत्रियों ने शपथ ली है, जिनमें से 23 प्रमुख मंत्रियों की सूची उनके निर्वाचन क्षेत्रों और चुनावी इतिहास के साथ प्रभावशाली है। इस नई कैबिनेट में फलाकाटा से दीपक बर्मन, मानिकतला से तापस रॉय, सिलीगुड़ी से शंकर घोष, कुमारग्राम से मनोज कुमार उरांव, और मुर्शिदाबाद से गौरी शंकर घोष शामिल हैं। इसके अलावा, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों में मालती रावा रॉय, राजेश महता, और इंद्रनील खान को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
'मिशन सोनार बांग्ला' की दिशा में कदम
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सभी नए मंत्रियों को बधाई दी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नए मंत्रिमंडल में भौगोलिक और सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखा गया है। इन 35 मंत्रियों के कंधों पर अब बंगाल को नए प्रशासनिक ऊंचाइयों पर ले जाने और कानून-व्यवस्था को बहाल करने की चुनौती है।
