पश्चिम बंगाल में सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी के सहयोगी से की पूछताछ

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के सहयोगी सुमित रॉय से सीआईडी ने सरकारी भूमि धोखाधड़ी मामले में 10 घंटे तक पूछताछ की। उच्चतम न्यायालय ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है, बशर्ते वे जांच में सहयोग करें। जानें इस मामले में क्या हुआ और आगे की प्रक्रिया क्या होगी।
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सीआईडी की पूछताछ का विवरण

कोलकाता, 8 अगस्त: तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी सुमित रॉय से पश्चिम बंगाल की अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने शनिवार को लगभग 10 घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ सरकारी भूमि धोखाधड़ी के मामले में की गई।


सीआईडी के अधिकारियों ने रॉय से भवानी भवन में पूछताछ की। उच्चतम न्यायालय ने उन्हें 14 अगस्त तक गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है, बशर्ते वे जांच में सहयोग करें। एक सीआईडी अधिकारी ने बताया, "हमने उनसे कई घंटों तक सवाल किए।


अधिकारी ने आगे कहा, "जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, इसलिए इस समय कुछ भी साझा नहीं किया जा सकता।" रॉय सुबह जांच एजेंसी के समक्ष पेश हुए और रात करीब 8:20 बजे मुख्यालय से बाहर निकले। जब उनसे पूछा गया कि क्या रॉय को फिर से पेश होना पड़ेगा, तो अधिकारी ने कहा कि यह मामले की आवश्यकताओं पर निर्भर करेगा।


सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहले कहा था कि एजेंसी रॉय के खिलाफ आरोपों की जांच कर रही है और सबूतों के आधार पर दावों का सत्यापन करेगी।


अधिकारी ने कहा, "हम सभी संबंधित दस्तावेज एकत्र कर रहे हैं और हर आरोप का सत्यापन सबूतों के आधार पर किया जाएगा, उसके बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" उच्चतम न्यायालय ने रॉय को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश दिया था और कहा था कि इस दौरान उनके साथ कोई वकील या अन्य व्यक्ति नहीं होगा।


सालबनी भूमि धोखाधड़ी मामले में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सुजय हाजरा की गिरफ्तारी के बाद सीआईडी रॉय की तलाश कर रही थी।