पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पर्यवेक्षकों की सुरक्षा पर निर्वाचन आयोग की चिंता

पश्चिम बंगाल में निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची पर्यवेक्षकों की सुरक्षा में गंभीर चूक पर चिंता जताई है। आयोग ने राज्य पुलिस से विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है, जिसमें 29 दिसंबर को हुई घटनाओं का उल्लेख है। रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था की कमी और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की जानकारी शामिल है। आयोग ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वे छह जनवरी तक कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यह स्थिति निर्वाचन प्रक्रिया की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है।
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पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पर्यवेक्षकों की सुरक्षा पर निर्वाचन आयोग की चिंता

निर्वाचन आयोग की सुरक्षा चिंताएँ

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची पर्यवेक्षकों की सुरक्षा में गंभीर चूक पर चिंता व्यक्त की है। आयोग ने राज्य पुलिस से छह जनवरी तक एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है।


पुलिस महानिदेशक को भेजे गए पत्र में आयोग ने बताया कि मतदाता सूची पर्यवेक्षक और वरिष्ठ अधिकारी सी. मुरुगन ने अपनी रिपोर्ट में दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहाट-प्रथम, मगराहाट-द्वितीय और कुलपी प्रखंडों में 29 दिसंबर को एसआईआर सुनवाई शिविरों के दौरान हुई कई घटनाओं का उल्लेख किया है।


आयोग ने यह भी कहा कि विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक और मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में समान चिंताएँ सामने आई हैं। रिपोर्टों की समीक्षा के बाद आयोग ने पाया कि संबंधित उप-संभागीय अधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दौरे की पूर्व सूचना देने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कमी रही। इसके परिणामस्वरूप पर्यवेक्षक को संवेदनशील क्षेत्रों में बिना उचित पुलिस सुरक्षा के गुजरना पड़ा।


आयोग ने बताया कि 29 दिसंबर को 30 से 40 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई, जो पुलिस प्रशासन की ओर से गंभीर चूक को दर्शाती है।


आयोग ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वे छह जनवरी को शाम पांच बजे तक पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई, अनुवर्ती कदमों और जिम्मेदारी तय करने के लिए उठाए गए उपायों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करें।