पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता के सहायक की हत्या से उठे सवाल
बीजेपी नेता के सहायक की हत्या का मामला
कोलकाता एयरपोर्ट के निकट मध्यग्राम में बुधवार रात बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और कानून व्यवस्था पर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह घटना एक साधारण आपराधिक वारदात से कहीं अधिक सुनियोजित और पेशेवर तरीके से की गई थी। जांचकर्ताओं का मानना है कि हमलावरों ने लगभग 72 घंटे तक इलाके की निगरानी की। इसके बाद, बुधवार रात करीब 10 बजे, चंद्रनाथ रथ की SUV को रोका गया और नजदीक से गोलियां चलाई गईं।
हमले की गंभीरता
इस हमले में 38 वर्षीय चंद्रनाथ रथ की जान चली गई, जबकि गाड़ी चला रहे बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पीछे की सीट पर बैठे मिंटू ने झुककर अपनी जान बचाई और फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, हमलावरों की संख्या कम से कम चार थी और वे दो मोटरसाइकिलों पर आए थे। उन्होंने पहले एक सिल्वर रंग की हैचबैक कार से रथ की गाड़ी का रास्ता रोका और फिर फ्रंट पैसेंजर विंडो से ताबड़तोड़ फायरिंग की। कुल मिलाकर आठ राउंड फायर किए गए।
पेशेवर किलर्स का संदेह
एक जांच अधिकारी ने बताया कि हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार और हमले की सटीकता से यह स्पष्ट है कि यह कार्य पेशेवर किलर्स का हो सकता है। घटना के बाद हमलावर अलग-अलग दिशाओं में भाग गए। एक बाइक एयरपोर्ट की ओर गई, जबकि दूसरी बाइक गलियों के रास्ते निकल गई। वारदात में इस्तेमाल की गई हैचबैक कार बाद में सहारा ब्रिज के पास लावारिस हालत में मिली।
वाहनों के नंबर प्लेट फर्जी
जांच में यह भी सामने आया कि कार और बाइक दोनों पर लगे नंबर प्लेट फर्जी थे। हमले में इस्तेमाल किए गए वाहनों के चेसिस नंबर भी मिटा दिए गए थे ताकि असली मालिकों तक पहुंचना मुश्किल हो सके। पुलिस ने एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी
सीसीटीवी फुटेज ने जांच को एक महत्वपूर्ण दिशा दी है। फुटेज में देखा गया कि रात 10 बजे सिल्वर हैचबैक शेख मुजीब रोड में दाखिल होती है। करीब आठ मिनट बाद रथ की गाड़ी उसी सड़क पर पहुंचती है और तभी हैचबैक रास्ता रोक देती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि रथ को तीन गोलियां लगी थीं।
सुवेंदु अधिकारी का बयान
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस हत्या को पूरी तरह सुनियोजित बताया। उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ रथ को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि भवानीपुर चुनाव में ममता बनर्जी के खिलाफ उनकी जीत में रथ की महत्वपूर्ण भूमिका थी। तृणमूल कांग्रेस ने मामले की कोर्ट मॉनिटरिंग में CBI जांच की मांग की है, लेकिन सुवेंदु अधिकारी ने इसे खारिज कर दिया।
