पश्चिम बंगाल में बीएलओ की आत्महत्या से राजनीतिक विवाद बढ़ा
बीएलओ की आत्महत्या का मामला
मुर्शिदाबाद में एक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की आत्महत्या के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता की गिरफ्तारी ने पश्चिम बंगाल में नया विवाद उत्पन्न कर दिया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि आरोपी टीएमसी कार्यकर्ता ने मृतक बीएलओ को 20 लाख रुपये का कर्ज चुकाने में असफल रहने के कारण गंभीर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। इस घटना ने राजनीतिक हलचल को जन्म दिया, खासकर जब स्थानीय टीएमसी नेतृत्व ने इस मौत को एसआईआर से संबंधित दबाव से जोड़ा और कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
आरोपी की पहचान रानीताला पुलिस थाना क्षेत्र के बुलेट खान के रूप में हुई है, जिसे सोमवार को गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ताओं ने इस मामले को एक बड़े कर्ज के मुद्दे से जोड़ा है। मृतक बीएलओ की पहचान हमीमुल इस्लाम (47) के रूप में हुई है, जो भगवानगोला ब्लॉक II के अलापुर गांव का निवासी था। वह शनिवार रात को एक स्कूल के अंदर मृत पाया गया। पुलिस के अनुसार, खान ने इस्लाम से 20 लाख रुपये उधार लिए थे, लेकिन इसे लौटाने से इनकार कर दिया था। जब इस्लाम ने कर्ज चुकाने की मांग की, तो खान ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। पुलिस का कहना है कि बढ़ते दबाव और डर ने बीएलओ को आत्महत्या के लिए मजबूर किया।
खान को पुलिस हिरासत में भेजा गया
खान के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद, खान को लालबाग उपमंडल न्यायालय में पेश किया गया, जिसने उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
बीएलओ का विरोध प्रदर्शन
इससे पहले, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के सामने कुछ बीएलओ ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग मतदाता सूची संशोधन के दौरान कई बीएलओ की मौत के प्रति उदासीन रहा है। प्रदर्शनकारी बीएलओ अधिकार रक्षा समिति के सदस्य थे। उन्होंने कहा कि संशोधन प्रक्रिया शुरू होने के बाद से राज्य भर के बीएलओ "अत्यधिक मानसिक और शारीरिक दबाव" में हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
