पश्चिम बंगाल में टीएमसी में टूट: 20 सांसदों ने स्पीकर को लिखा पत्र

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक दल में बिखराव के बाद, पार्टी के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर अलग व्यवस्था की मांग की है। इस पत्र में सयानी घोष का नाम भी शामिल है, जो पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है। सयानी घोष, जो एक प्रसिद्ध अभिनेत्री और सांसद हैं, ने पहले बीजेपी पर कटाक्ष किया था। इस घटनाक्रम से टीएमसी की आंतरिक राजनीति में हलचल मच गई है।
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टीएमसी में आंतरिक बिखराव

पश्चिम बंगाल में टीएमसी में टूट: 20 सांसदों ने स्पीकर को लिखा पत्र


नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक दल में बिखराव के बाद, पार्टी के संसदीय दल में भी विभाजन की पुष्टि हो गई है। टीएमसी के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र भेजकर संसद में अलग व्यवस्था की मांग की है, जिसमें सांसद सयानी घोष का नाम भी शामिल है। इस पत्र पर सयानी घोष ने भी हस्ताक्षर किए हैं। यह घटनाक्रम ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।


सयानी घोष का राजनीतिक सफर

सयानी घोष, जो एक प्रसिद्ध बंगाली अभिनेत्री और गायिका हैं, वर्तमान में जादवपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उनके गाने 'मेरे दिल में है काबा और आंखों में मदीनाट' ने काफी विवाद उत्पन्न किया था। बीजेपी नेताओं ने इस गाने को लेकर ममता बनर्जी पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया था। अब, टीएमसी के बागी सांसदों ने बीजेपी का समर्थन करने का ऐलान किया है, जिसमें सयानी घोष भी शामिल हैं।


बीजेपी पर तंज

सयानी घोष ने आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले राघव चड्ढा पर एक चुनावी जनसभा में कटाक्ष किया था। उन्होंने कहा था, 'मैं चड्ढा नहीं हूं जो 'चड्डी' बन जाऊंगी, घोष हमेशा घोष ही रहेगा।' इस बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।


सियासी पारी की शुरुआत

सयानी घोष ने 2021 विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी में शामिल हुईं। वह एक युवा और चर्चित चेहरा थीं। बांग्ला फ़िल्मों में उनकी पहचान पहले से ही बनी हुई थी। ममता बनर्जी ने उन्हें आसनसोल सीट से चुनाव लड़वाया, लेकिन वह बीजेपी के उम्मीदवार से हार गईं। इसके बाद उन्होंने राजनीति में तेजी से आगे बढ़ने का निर्णय लिया।


गिरफ्तारी और विवाद

2021 में, सयानी घोष को त्रिपुरा में गिरफ्तार किया गया था। वहां उन्होंने बीजेपी की एक नुक्कड़ सभा के पास से गुजरते हुए 'खेला होबे' का नारा लगाया था, जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।


2024 में सांसद बनीं

साल 2023 में, सयानी घोष को टीएमसी की युवा विंग की अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद, ईडी ने पश्चिम बंगाल के भर्ती घोटाले की जांच के दौरान उनसे पूछताछ की। 1993 में कोलकाता में जन्मी सयानी घोष, टीएमसी के सबसे चर्चित युवा चेहरों में से एक हैं। उन्होंने 2024 में जाधवपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।


टीएमसी में बगावत

पश्चिम बंगाल में विधायक दल में बिखराव के बाद, टीएमसी संसदीय दल में भी टूट की पुष्टि हो गई है। 20 सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर अलग व्यवस्था की मांग की है, जिसमें सयानी घोष का नाम भी शामिल है। पत्र में अभिषेक बनर्जी की जगह काकोली घोष को टीएमसी संसदीय दल का नेता बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।