पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेता जहांगीर खान को जबरन वसूली के आरोप में पुलिस हिरासत में भेजा गया
पुलिस हिरासत में भेजे गए टीएमसी नेता
पश्चिम बंगाल की एक अदालत ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता जहांगीर खान को जबरन वसूली के मामले में चल रही जांच के तहत पांच दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। पुलिस ने इस संबंध में जानकारी साझा की। खान को गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ के लिए हिरासत की मांग की। सुनवाई के बाद, अदालत ने आगे की जांच के लिए उनकी पांच दिन की पुलिस हिरासत को मंजूरी दे दी। यह घटना खान की उत्तरी बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के निकट गिरफ्तारी के एक दिन बाद की है। इससे पहले, 26 मई को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन्हें दी गई अंतरिम सुरक्षा को रद्द कर दिया था। दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि खान को भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन गिरफ्तारी के संबंध में और जानकारी नहीं दी गई।
आगे की प्रक्रिया
पांच दिन की पुलिस हिरासत के बाद, जहांगीर खान को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत इस दौरान जांच की प्रगति और जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लेगी।
स्थानीय लोगों का विरोध
सोमवार को, टीएमसी नेता जहांगीर खान की गिरफ्तारी के तुरंत बाद, दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा में स्थानीय लोगों ने उनके कार्यालय में तोड़फोड़ की। खान को भारत-नेपाल सीमा के पास गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, भीड़ ने कार्यालय की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और कई कमरों में फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस इस घटना की जांच शुरू करेगी। कार्यालय के अंदर राहत सामग्री के कई पैकेट भी मिले, जिससे स्थानीय लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने खान और उनके सहयोगियों पर जरूरतमंदों के लिए रखी गई सामग्री को रोकने का आरोप लगाया।
