पश्चिम बंगाल में कोयला खदान धंसने से तीन की मौत, बचाव कार्य जारी

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में एक ओपन-कास्ट कोयला खदान के धंसने से तीन लोगों की जान चली गई है। यह घटना मंगलवार को हुई, जब मजदूर अवैध रूप से खदान में घुस गए थे। बचाव कार्य जारी है, जिसमें कई अधिकारी और मशीनरी शामिल हैं। स्थानीय विधायक ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि परिवारजन शोक मना रहे हैं। यह घटना अवैध खनन की गंभीरता को उजागर करती है।
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पश्चिम बंगाल में कोयला खदान धंसने से तीन की मौत, बचाव कार्य जारी

दुखद घटना का विवरण

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले से एक गंभीर घटना की सूचना मिली है। मंगलवार, 13 जनवरी को आसनसोल के निकट एक ओपन-कास्ट कोयला खदान धंस गई, जिससे तीन व्यक्तियों की जान चली गई। इस दुर्घटना में दो अन्य लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। यह घटना कुल्टी थाना क्षेत्र के बरिरा इलाके में हुई, जहां भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) द्वारा खदान का संचालन किया जा रहा था। आर्थिक कठिनाइयों के कारण मजदूर अवैध रूप से खदान में घुस गए थे, जो इस क्षेत्र में एक सामान्य लेकिन खतरनाक प्रथा बन चुकी है। अचानक आए भूस्खलन ने उन्हें मलबे के नीचे दबा दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे।


बचाव कार्य की स्थिति

बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, जिसमें BCCL के अधिकारी, पुलिस और भारी मशीनरी जैसे JCB शामिल थे। घटनास्थल पर मौजूद पोद्दार ने पहले शव के मिलने के बाद दो और शवों को भी बरामद होते देखा। दो जीवित बचे लोगों को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।


आधिकारिक बयान और आरोप

पश्चिम बर्धमान के जिला मजिस्ट्रेट पोन्नमबलम एस ने कहा कि घटना की जांच चल रही है और इसके परिणामों के बाद अधिक जानकारी साझा की जाएगी। दूसरी ओर, बीजेपी विधायक अजय पोद्दार ने पुलिस, केंद्रीय बलों और कोयला माफिया के बीच एक 'सिंडिकेट' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये लोग रैटहोल से कोयला निकाल रहे थे और यह एक संगठित अपराध है। उनके अनुसार, स्थानीय लोग ही इस स्थिति का सबसे बड़ा शिकार बनते हैं।


स्थानीय प्रभाव और संदर्भ

इस घटना के बाद कुल्टी में शोक का माहौल है, जहां परिवारजन अपने प्रियजनों को खोने का दुख मना रहे हैं। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि खदान अधिकारियों और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को घुसपैठ की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। आस-पास के गांवों के कई निवासी रोज़ाना कोयले के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं, और खुले खदानों से चोरी करते हैं।


यह घटना 15 नवंबर, 2025 को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में हुई एक पत्थर की खदान के धंसने की घटना से मिलती-जुलती है, जिसमें 15 लोग फंस गए थे और सात शव बरामद हुए थे।