पश्चिम बंगाल में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आगाज

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। सिलीगुड़ी में विध्वंस अभियान की तैयारी की जा रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश से बुलडोजर मंगवाए गए हैं। सांसद राजू बिस्टा ने नगर निगम की कार्यप्रणाली की आलोचना की और अवैध निर्माणों को हटाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अभियान को 'योगी मॉडल' के तहत देखा जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश में लागू किया गया था। जानें इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम के बारे में।
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पश्चिम बंगाल में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आगाज gyanhigyan

सख्त प्रशासनिक अभियान की शुरुआत

शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद, पश्चिम बंगाल में एक कठोर प्रशासनिक अभियान की शुरुआत की गई है। सिलीगुड़ी में अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत ढांचों को हटाने के लिए बड़े पैमाने पर विध्वंस कार्य की योजना बनाई जा रही है। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्टा ने संकेत दिया है कि जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इस अभियान को तेज करने के लिए उत्तर प्रदेश से लगभग दो दर्जन बुलडोजर मंगवाए गए हैं। सिलीगुड़ी उपमंडल कार्यालय में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम), पुलिस आयुक्त, दार्जिलिंग जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था को मजबूत करना, अवैध निर्माणों को हटाना, मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण लगाना और अवैध शराब की दुकानों, बार और पबों पर कार्रवाई करना था।


राजू बिस्टा की मीडिया से बातचीत

बैठक के बाद, राजू बिस्टा ने मीडिया को बताया कि सिलीगुड़ी में बड़ी संख्या में अनधिकृत निर्माण हो चुके हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन अवैध निर्माणों को हटाने के लिए उत्तर प्रदेश से दो दर्जन बुलडोजर मंगवाए जा रहे हैं ताकि कार्रवाई तेजी से की जा सके। 


सिलीगुड़ी नगर निगम की आलोचना

सिलीगुड़ी नगर निगम आलोचनाओं के घेरे में

सांसद ने सिलीगुड़ी नगर निगम के कार्यों की आलोचना करते हुए कहा कि वह शहर में अवैध निर्माणों को रोकने में पूरी तरह असफल रहा है। उन्होंने बताया कि वे जल्द ही नगर निगम के अधिकारियों से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए बैठक करेंगे। बिस्टा ने चेतावनी दी कि सरकारी जमीन, नदी किनारे और शहर के अन्य क्षेत्रों पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को तुरंत हटाया जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो प्रशासन बुलडोजर से तोड़फोड़ की कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नशीले पदार्थों के नेटवर्क, अवैध नदी खनन, अनधिकृत टोल वसूली और भूमि दलाली गतिविधियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। 


योगी मॉडल का प्रभाव

पश्चिम बंगाल में 'योगी मॉडल' सुर्खियों में

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान, भाजपा नेताओं ने राज्य में 'योगी मॉडल' को लागू करने का बार-बार वादा किया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, आपराधिक गिरोहों और अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ की गई कार्रवाई ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया था। इस मॉडल को उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार और भूमि माफिया गतिविधियों पर अंकुश लगाने का श्रेय दिया जाता है। अब, बंगाल में इसी तरह के उपायों की शुरुआत को राज्य में इस दृष्टिकोण को दोहराने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।