पश्चिम बंगाल चुनाव: हाई कोर्ट ने चुनाव ड्यूटी अधिकारियों पर कोई आदेश नहीं देने का किया ऐलान

कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि वह 29 अप्रैल तक चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों के खिलाफ कोई आदेश नहीं देगा। जस्टिस कृष्णा राव की अदालत में एक वकील ने IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने कहा कि वह चुनाव से जुड़ी ड्यूटी कर रहे अधिकारियों पर कोई प्रभाव नहीं डालेगा। इस बीच, पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान होगा। पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ था। जानें इस महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबले के बारे में और अधिक जानकारी।
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पश्चिम बंगाल चुनाव: हाई कोर्ट ने चुनाव ड्यूटी अधिकारियों पर कोई आदेश नहीं देने का किया ऐलान gyanhigyan

कोर्ट का निर्णय

कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि वह 29 अप्रैल तक, जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण होगा, चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के खिलाफ कोई आदेश नहीं देगा। यह जानकारी जस्टिस कृष्णा राव की अदालत में एक मौखिक याचिका के दौरान दी गई। एक वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि वह IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा पर रोक लगाए, जिन्हें भारत निर्वाचन आयोग ने दक्षिण 24 परगना में पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। वकील ने आरोप लगाया कि अधिकारी आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन कर रहे हैं और बेंच से तात्कालिक दखल की मांग की। हालांकि, जस्टिस राव ने कहा कि वह 29 अप्रैल से पहले चुनाव से संबंधित ड्यूटी कर रहे अधिकारियों पर प्रभाव डालने वाला कोई आदेश नहीं देंगे। वकील ने अदालत को बताया कि औपचारिक याचिका की प्रक्रिया अभी भी चल रही है।


कोर्ट की सलाह

कोर्ट ने क्या निर्देश दिया?

जब वकील ने यह आरोप लगाया कि शर्मा मतदाताओं को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं, तो जस्टिस राव ने उन्हें सलाह दी कि यदि उन्हें लगता है कि कोई गलत कार्य हो रहा है, तो वे इस मामले को चुनाव आयोग के पास ले जाएं। वकील ने उत्तर दिया कि चुनाव आयोग को पहले ही सूचित किया जा चुका है, लेकिन उसने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। यह ध्यान देने योग्य है कि शर्मा उन पर्यवेक्षकों में से एक हैं, जिन्हें चुनाव आयोग ने आगामी मतदान चरण में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया है। 


पश्चिम बंगाल चुनावों का दूसरा चरण

पश्चिम बंगाल चुनावों का दूसरा चरण

पश्चिम बंगाल की 142 विधानसभा सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। पहले चरण में, जो 152 विधानसभा क्षेत्रों में हुआ था, 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में सबसे अधिक है। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव सत्ता के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबले में बदल गए हैं, जिसमें ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी से कड़ी चुनौती मिल रही है। यह मुकाबला अब एक सीधी टक्कर में बदल गया है, जिसमें दोनों पक्ष शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।