पश्चिम बंगाल चुनाव में अनियमितताओं का आरोप, टीएमसी ने उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि लगभग 30 लाख वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग और सरकारी एजेंसियों पर पक्षपातपूर्ण कार्य करने का आरोप लगाया। चुनाव के बाद की हिंसा और धमकियों का भी जिक्र करते हुए, बनर्जी ने पार्टी के समर्थकों से एकजुट रहने की अपील की। भाजपा ने चुनाव में 207 सीटें जीतीं, जबकि टीएमसी को केवल 80 सीटें मिलीं, जिससे राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है।
| May 9, 2026, 15:20 IST
टीएमसी महासचिव का गंभीर आरोप
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न चुनावों में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लगभग 30 लाख वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। बनर्जी ने यह भी बताया कि पार्टी को चुनाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और सरकारी एजेंसियों तथा चुनाव आयोग पर पक्षपातपूर्ण कार्य करने का आरोप लगाया। यह घटनाक्रम भाजपा के विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी द्वारा राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद सामने आया है, जो पश्चिम बंगाल में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मोड़ है।
चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
एक पोस्ट में अभिषेक बनर्जी ने लिखा कि हमने एक बेहद कठिन चुनाव लड़ा है, जिसमें कथित तौर पर लगभग 30 लाख वास्तविक मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया। इस दौरान, कई सरकारी एजेंसियों और भारतीय चुनाव आयोग द्वारा पक्षपातपूर्ण आचरण देखने को मिला। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएँ निष्पक्ष रूप से कार्य करने में असफल रहीं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने मतगणना प्रक्रिया और ईवीएम के संचालन पर भी चिंता व्यक्त की।
चुनाव के बाद की हिंसा का आरोप
बनर्जी ने चुनाव के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ हिंसा और धमकी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में कानूनी और लोकतांत्रिक उपायों का पालन करते हुए उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने मतगणना प्रक्रिया से लेकर ईवीएम के संचालन तक कई परेशान करने वाली घटनाओं का जिक्र किया, जिससे लाखों लोगों ने यह सवाल उठाया कि क्या जनता के वास्तविक जनादेश का सम्मान किया गया है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज जारी करने और वीवीपीएटी पर्चियों की पारदर्शी गिनती की मांग की।
टीएमसी का संघर्ष जारी
पोस्ट में आगे लिखा गया कि ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों के लिए उनकी लड़ाई बिना किसी डर और समझौते के जारी रहेगी। उन्होंने टीएमसी के समर्थकों से एकजुट रहने की अपील की। यदि किसी को चुनाव के बाद हिंसा या धमकी का सामना करना पड़ा है, तो उन्होंने उनसे संपर्क करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वह उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
चुनाव परिणामों का प्रभाव
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने 207 सीटें जीतीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 80 सीटें हासिल कीं। यह चुनाव परिणाम राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव लाते हैं। ममता बनर्जी का लंबे समय तक चला वर्चस्व समाप्त हो गया है और भाजपा ने 206 सीटों के साथ सत्ता में प्रवेश किया है। यह टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका है, जो अपने पूर्व गढ़ से काफी गिरावट का सामना कर रही है।
