पश्चिम बंगाल की अन्नपूर्णा योजना: लाभार्थियों को भुगतान में देरी और आवेदन रिजेक्शन के कारण

पश्चिम बंगाल की अन्नपूर्णा योजना के तहत लाभार्थियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता में देरी और आवेदन रिजेक्शन के कारणों पर चर्चा की गई है। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये का भुगतान किया जाता है, लेकिन कई लाभार्थियों ने राशि न मिलने की शिकायत की है। इस लेख में सितंबर की किस्त, आवेदन की स्थिति और रिजेक्ट होने के कारणों पर विस्तृत जानकारी दी गई है। जानें कि जिनके खाते में पैसे नहीं आए हैं, उन्हें क्या करना चाहिए।
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पश्चिम बंगाल की अन्नपूर्णा योजना की स्थिति


पश्चिम बंगाल की अन्नपूर्णा योजना के तहत लाभार्थियों के बीच पैसे की प्राप्ति और आवेदन की स्थिति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस योजना में योग्य महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में DBT के माध्यम से दी जाती है। जून 2026 में योजना की शुरुआत के बाद से बड़ी संख्या में महिलाओं को विभिन्न किस्तों में भुगतान किया गया है।


सितंबर की किस्त का भुगतान

सरकार ने 17 सितंबर को सितंबर की किस्त के भुगतान की घोषणा की थी। इसके बावजूद, कई लाभार्थियों ने अपने खातों में राशि न आने की शिकायत की। 19 सितंबर को हावड़ा में कई महिलाओं ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया, जहां प्रशासन ने बताया कि कुछ मामलों में DBT लिंक और दस्तावेजों से संबंधित समस्याओं के कारण भुगतान में देरी हुई।


आवेदन रिजेक्ट होने के कारण

सरकारी जांच में कई आवेदनों में दस्तावेजों और पहचान से संबंधित कमियां पाई गईं। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 17 लाख आवेदन आधार से जुड़ी समस्याओं के कारण रिजेक्ट या रोके गए थे। कुछ मामलों में पहचान संबंधी जानकारी और बैंक रिकॉर्ड में भी अंतर पाया गया।


इसके अलावा, नाम, जन्मतिथि या बैंक खाते की जानकारी में गड़बड़ी और बैंक खाते का DBT से लिंक न होना भी भुगतान में रुकावट का कारण बन सकता है।


पहले भी उठे थे सवाल

योजना की शुरुआत में लगभग 26 लाख आवेदन मतदाता सूची में नाम न होने के कारण खारिज किए गए थे। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उस समय आवेदन की स्क्रीनिंग को आवश्यक बताया था।


रिजेक्ट आवेदन का पुनः मौका

सरकार ने बाद में रिजेक्ट हुए आवेदनों की दोबारा जांच और नए सिरे से आवेदन करने का अवसर देने की बात कही। रिपोर्टों के अनुसार, जिन आवेदनों में आधार या अन्य दस्तावेजों से संबंधित समस्याएं हैं, उन्हें सुधार के बाद पुनः सत्यापन का मौका मिल सकता है।


सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में नए आवेदन लिए जाएंगे। सितंबर की शुरुआत में शुभेंदु अधिकारी ने नवंबर-दिसंबर में दोबारा आवेदन का अवसर देने की जानकारी दी थी।


जिन्हें राशि नहीं मिली, वे क्या करें?

जिन लाभार्थियों को अभी तक राशि नहीं मिली है, उन्हें सबसे पहले अपने आवेदन की स्थिति और बैंक खाते की जानकारी की जांच करनी चाहिए। खासकर आधार की जानकारी, नाम और जन्मतिथि तथा बैंक खाते की DBT लिंकिंग में किसी भी गलती के कारण भुगतान प्रभावित हो सकता है।


अन्नपूर्णा योजना में पैसे न आने के पीछे हर मामले का कारण अलग हो सकता है। कुछ आवेदन अभी सत्यापन में हैं, जबकि कुछ को दस्तावेज या पात्रता संबंधी कारणों से रोका या खारिज किया गया है। सरकार ने पात्र आवेदकों के भुगतान और गलत तरीके से खारिज हुए मामलों की दोबारा जांच की प्रक्रिया जारी रखने की बात कही है।