पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनावों में मतदाता भागीदारी पर संजय राउत की टिप्पणी
शिवसेना के सांसद संजय राउत ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदाता भागीदारी को लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत बताया। उन्होंने बीजेपी पर सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। डीएमके के प्रवक्ता ने भी मतदान प्रतिशत में वृद्धि को विशेष पुनरीक्षण से जोड़ा। आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 91.91% और तमिलनाडु में 84.80% मतदान हुआ। जानें और क्या कहा गया इस महत्वपूर्ण चर्चा में।
| Apr 24, 2026, 12:26 IST
मतदाता भागीदारी का महत्व
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड संख्या में मतदाताओं का मतदान लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए राउत ने बताया कि इतनी बड़ी भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि लोगों का लोकतंत्र में विश्वास गहरा है। हालांकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी ने मतदाताओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया है।
मतदान में वृद्धि के कारण
राउत ने कहा कि एक प्रकार की 'लहर' के चलते मतदान की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने 'SIR' (मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण) को भी एक महत्वपूर्ण कारण बताया, जिसके चलते अधिक लोग मतदान करने के लिए आगे आए। जब अधिक से अधिक लोग मतदान करते हैं, तो यह लोकतंत्र के लिए एक शुभ संकेत होता है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी ने सरकारी धन का उपयोग करके देशभर से अधिक से अधिक बंगालियों को, चाहे वे मतदाता हों या न हों, पश्चिम बंगाल लाने का प्रयास किया।
डीएमके का दृष्टिकोण
द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) के प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि तमिलनाडु में मतदान प्रतिशत में वृद्धि को मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के बाद पंजीकृत मतदाताओं की संख्या में बदलाव के संदर्भ में समझा जाना चाहिए।
मतदान के आंकड़े
एलांगोवन ने बताया कि 2021 में एसआईआर से पहले कुल 4.63 करोड़ वोट पड़े थे, जबकि इस चुनाव में एसआईआर के बाद कुल वोटों की संख्या लगभग 4 करोड़ 82 लाख है। इस प्रकार, केवल 19 लाख वोटों की वृद्धि हुई है, जो बहुत अधिक नहीं है। पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग में 91.91 प्रतिशत और तमिलनाडु में 84.80 प्रतिशत वोट पड़े। 2021 के विधानसभा चुनावों में, पश्चिम बंगाल में 85.2 प्रतिशत और तमिलनाडु में 76.6 प्रतिशत वोट पड़े थे। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि दोनों राज्यों में चुनावों में लोगों की भागीदारी में लगातार वृद्धि हो रही है।
जिलों में मतदान प्रतिशत
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े। दक्षिण दिनाजपुर में सबसे अधिक 94.85 प्रतिशत, कूच बिहार में 94.54 प्रतिशत, बीरभूम में 93.70 प्रतिशत, जलपाईगुड़ी में 93.23 प्रतिशत और मुर्शिदाबाद में 92.93 प्रतिशत वोट पड़े। ये आंकड़े सभी जिलों में बढ़ती भागीदारी को दर्शाते हैं, जिसमें सभी प्रमुख क्षेत्रों में 90 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े।
