पश्चिम एशिया में इजराइल और अमेरिका का ईरान पर सैन्य हमला
पश्चिम एशिया में इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान पर एक बड़ा सैन्य हमला किया है। इस हमले को इजराइल ने 'शेर की दहाड़' और अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया है। ईरान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जबकि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल उद्योग को नष्ट करने की बात कही है। हमले के बाद इजराइल में नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में अस्थिरता की आशंकाओं को बढ़ा दिया है।
| Feb 28, 2026, 14:34 IST
सैन्य कार्रवाई का नया मोड़
पश्चिम एशिया में तनाव ने एक नया और गंभीर मोड़ लिया है, जब इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान पर एक बड़ा सैन्य हमला किया। इस संयुक्त ऑपरेशन को इजराइल ने 'शेर की दहाड़' और अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया है। ईरान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि युद्ध की शुरुआत इजराइल ने की है, लेकिन इसका अंत वह खुद करेंगे। इस हमले ने तेहरान और पश्चिमी देशों के बीच लंबे समय से चल रहे परमाणु विवाद के कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं को भी प्रभावित किया है।
हमले के दौरान स्थिति
हमले के दौरान तेहरान के मध्य क्षेत्र से धुएं के गुबार उठते देखे गए। स्थानीय मीडिया के अनुसार, राजधानी में तीन से चार विस्फोट हुए, जिनमें से पहला ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के निकट हुआ। हालांकि, खामेनेई उस समय तेहरान में मौजूद नहीं थे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया था।
सैन्य अभियान की प्रकृति
ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि देशभर में कई ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जो इस बात का संकेत है कि यह एक समन्वित सैन्य अभियान है। खामेनेई के परिसर की ओर जाने वाले मार्गों को सील कर दिया गया है और राजधानी में और भी विस्फोटों की आवाजें सुनाई दी हैं। संकट की गंभीरता को देखते हुए इराक ने भी अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
इजराइल की प्रतिक्रिया
इजराइल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि यह कार्रवाई खतरों को समाप्त करने के उद्देश्य से की गई है। सूत्रों के अनुसार, इस अभियान की योजना कई महीनों से वाशिंगटन के साथ मिलकर बनाई जा रही थी। हमले का उद्देश्य ईरानी पक्ष को चकित करना था, क्योंकि दिन के उजाले में हमले की संभावना कम आंकी जा रही थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमले के बाद कहा कि अमेरिका और इजराइल ने मिलकर एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ईरान से उत्पन्न खतरों का उन्मूलन करना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरानी मिसाइल उद्योग और नौसेना को नष्ट करेगा। ट्रंप ने हाल के सप्ताहों में पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी नौसैनिक बलों का भी उल्लेख किया।
परमाणु वार्ताओं पर प्रभाव
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ताओं से संतुष्ट नहीं हैं और ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि अमेरिका शांति का पक्षधर है, लेकिन यदि आवश्यक हुआ तो कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
हमले के बाद की स्थिति
हमले के तुरंत बाद इजराइल में सायरन बज उठे और नागरिकों को संभावित मिसाइल हमलों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई। नागरिकों से कहा गया कि वे सुरक्षित आश्रय स्थलों के पास रहें। इस बीच, ईरान ने भी इजराइल पर कई मिसाइलें दागी हैं।
अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर असर
इस सैन्य कार्रवाई का असर अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर भी पड़ा है। तेहरान और इजराइल के हवाई क्षेत्र में पाबंदियों के कारण कई उड़ानों का मार्ग बदला गया है। भारत की राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया ने तेल अवीव मार्ग पर अपनी सेवाएं एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी हैं।
भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा सलाह
इजरायल में भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया है। दूतावास ने सभी भारतीयों से सतर्क रहने और सुरक्षित आश्रयों के निकट रहने की अपील की है।
भविष्य की संभावनाएं
इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में अस्थिरता की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। हताहतों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन सैन्य और कूटनीतिक हलकों में गतिविधियां तेज हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिन निर्णायक हो सकते हैं।
