परिवहन आयोग के गठन की मांग, राज्यसभा में उठे महत्वपूर्ण मुद्दे

राज्यसभा में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की सीमा द्विवेदी ने परिवहन आयोग के गठन की मांग की, जिससे परिवहन क्षेत्र का समग्र विकास हो सके। उन्होंने राष्ट्रीय परिवहन दिवस मनाने का भी सुझाव दिया। इसके अलावा, गीता उर्फ चंद्रप्रभा ने औरैया में कौशल विकास केंद्र खोलने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। जानें इस महत्वपूर्ण चर्चा के बारे में और क्या मुद्दे उठाए गए।
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राज्यसभा में परिवहन आयोग की आवश्यकता पर चर्चा

नई दिल्ली, चार अगस्त: मंगलवार को राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की एक सदस्य ने शून्यकाल के दौरान देश के परिवहन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए परिवहन आयोग के गठन की आवश्यकता पर जोर दिया। उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान राम मंदिर चढ़ावे की चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच, केवल दो सदस्यों ने लोकहित से जुड़े मुद्दे उठाए। इसके परिणामस्वरूप, बैठक दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी गई। भाजपा की सीमा द्विवेदी ने इस दौरान परिवहन आयोग के गठन की मांग की।


उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए एक समर्पित आयोग का गठन आवश्यक है। इसके साथ ही, उन्होंने सरकार से यह भी अनुरोध किया कि छह सितंबर को राष्ट्रीय परिवहन दिवस के रूप में मनाने पर विचार किया जाए। उनका मानना है कि इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों और संस्थानों के योगदान को मान्यता मिलेगी और सड़क सुरक्षा, यातायात जागरूकता, तथा बेहतर परिवहन व्यवस्था के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।


भाजपा की गीता उर्फ चंद्रप्रभा ने उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में कौशल विकास केंद्र खोलने की मांग की। उन्होंने बताया कि जिले में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और शिक्षा, सड़क, तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि बदलती परिस्थितियों में कौशल विकास बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि औरैया में बड़ी संख्या में युवा तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक हैं।


उन्होंने कौशल विकास केंद्र खोलने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे युवाओं को कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।