पप्पू यादव की महिलाओं पर विवादास्पद टिप्पणी से राजनीतिक हलचल
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं के प्रति एक विवादास्पद टिप्पणी की है, जिसमें उन्होंने कहा कि महिलाएं बिना समझौता किए राजनीति में सफल नहीं हो सकतीं। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है, और भाजपा ने उनसे माफी मांगने की मांग की है। बिहार राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और प्रतिक्रियाएं।
| Apr 21, 2026, 17:15 IST
महिलाओं के प्रति विवादास्पद बयान
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने हाल ही में महिलाओं के संदर्भ में एक विवादास्पद टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं बिना समझौता किए राजनीति में सफल नहीं हो सकतीं और यह भी आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है। यादव ने यह भी कहा कि भारत में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता है, लेकिन वास्तविकता में उन्हें सम्मान नहीं मिलता। इसके लिए समाज और व्यवस्था दोनों जिम्मेदार हैं। उनका दावा है कि 90% महिलाएं राजनेताओं के कमरे में प्रवेश किए बिना राजनीति में कदम नहीं रख सकतीं।
यादव ने यह भी कहा कि यदि लोकसभा में महिलाओं की गरिमा का मुद्दा उठाया जाता है, तो यह मजाक बन जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि घरेलू हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार है? उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका से लेकर भारत तक, महिलाएं राजनेताओं की बुरी नजरों का शिकार होती हैं। उनका मानना है कि महिलाओं के शोषण की संस्कृति समाज में गहराई तक फैली हुई है।
भाजपा ने पप्पू यादव के बयान की निंदा करते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की है। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि यह बयान चौंकाने वाला है, खासकर जब देश में नारी शक्ति आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि सांसद यादव का यह बयान उनकी मानसिकता को दर्शाता है।
इस विवाद के बाद, बिहार राज्य महिला आयोग ने पप्पू यादव से स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग ने एक बयान में कहा कि वे इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए यादव से पूछना चाहते हैं कि उन्होंने ऐसा आपत्तिजनक बयान क्यों दिया। आयोग ने यह भी पूछा कि क्या उनकी सदस्यता रद्द करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को सिफारिश नहीं की जानी चाहिए।
#WATCH | Purnea, Bihar: Independent MP Pappu Yadav says, "...In India, women are called goddesses, but they will never be respected here. System and society are responsible for this...90% of women cannot do politics without entering the room of politicians..."
— Media Channel (@MediaChannel) April 21, 2026
(20.04.2026) pic.twitter.com/WyHY4ZitUJ
