पटना में महिला और उसकी बेटी के खिलाफ दरिंदगी की घटना

पटना में एक विधवा मां और उसकी बेटी के खिलाफ हुई दरिंदगी की घटना ने समाज को झकझोर दिया है। 36 वर्षीय महिला ने अपने पति की मृत्यु के बाद अपने बच्चों की परवरिश की, लेकिन उसके देवर ने उसके साथ गलत व्यवहार किया। जब उसकी 7 साल की बेटी को भी निशाना बनाया गया, तो मां ने पुलिस में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। यह घटना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है।
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पटना में दर्दनाक घटना

पटना में महिला और उसकी बेटी के खिलाफ दरिंदगी की घटना


पटना की गलियों में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सभी को झकझोर दिया है। यह कहानी एक 36 वर्षीय विधवा मां की है, जिसने अपने पति की मृत्यु के बाद तीन छोटे बच्चों की परवरिश का जिम्मा अकेले उठाया।


महिला ने सोचा था कि उसके परिवार वाले उसका सहारा बनेंगे, लेकिन उसके अपने देवर ने दरिंदगी की सारी सीमाएं पार कर दीं। रात के समय कमरे में घुसकर उसने महिला के साथ गलत व्यवहार करने की कोशिश की। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो परिवार ने इसे मजाक में उड़ा दिया।


महिला ने 1 अगस्त को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस चुप्पी ने दरिंदे को और हिम्मत दी, और वह बार-बार महिला की इज़्ज़त से खेलता रहा। पीड़िता ने अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए चुप रहने का निर्णय लिया।


हालात और भी खराब हो गए जब 7 साल की उसकी बेटी को भी दरिंदों ने नहीं छोड़ा। एक किराएदार ने बच्ची की तस्वीरें खींच लीं। उस दिन मां अस्पताल में थी और बच्ची घर पर। बच्ची ने डरते हुए बताया कि 'अंकल ने धमकी दी थी, अगर किसी को बताया तो मार डालेंगे'।


बेटी की मासूमियत पर हमला सुनकर मां का दिल टूट गया। उसने कहा, 'अब खून का घूंट पीना नामुमकिन है, मेरी बेटी की इज़्ज़त दांव पर है'। लेकिन बेटी की बदनामी के डर से वह FIR दर्ज नहीं करवा पा रही है।


महिला आयोग की सदस्य रश्मि रेखा सिन्हा ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और कहा है कि पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत की है। DM को भी पत्र लिखा गया है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई अभी भी ठंडी पड़ी है। अगली सुनवाई 20 अक्टूबर को होगी।


यह घटना केवल एक मां और बेटी की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाती है। यह सोचने का विषय है कि कब तक मासूम बेटियों की चीखें और माओं की सिसकियां इस तरह दबाई जाती रहेंगी?