पटना में छात्रा की संदिग्ध मौत से फैली सनसनी, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया

पटना के मुन्ना चौक में एक छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया, जबकि पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का संकेत दिया है। छात्रा के शव पर मिले चोट के निशान ने मामले को और जटिल बना दिया है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और पुलिस की जांच के ताजा अपडेट।
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पटना में छात्रा की संदिग्ध मौत से फैली सनसनी, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया

पटना में छात्रा की संदिग्ध मौत

बिहार की राजधानी पटना के मुन्ना चौक क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक छात्रा, जो नीट (NEET) की तैयारी कर रही थी, संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। इस घटना के बाद सोमवार रात को पूरे शहर में तनाव फैल गया। छात्रा के शरीर और सिर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, जिससे उसके परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मृतक छात्रा जहानाबाद जिले की निवासी थी और पटना के मुन्ना चौक स्थित एक हॉस्टल में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। सोमवार को उसका शव हॉस्टल में पाया गया, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।


कारगिल चौक पर प्रदर्शन

जैसे ही छात्रा की मौत की खबर उसके परिवार तक पहुँची, परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण पटना पहुँच गए।


प्रदर्शन: परिजनों ने छात्रा के शव को कारगिल चौक पर रखकर जोरदार प्रदर्शन किया।


पुलिस पर आरोप: प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है, जिसे छिपाने की कोशिश की जा रही है।


यातायात ठप: इस प्रदर्शन के कारण पटना के व्यस्त चौराहे पर घंटों तक ट्रैफिक पूरी तरह ठप रहा, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


परिवार का आरोप

परिवार ने हॉस्टल मालिक, पुलिस और डॉक्टरों पर मिलकर रेप और हत्या के मामले को दबाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चोट के स्पष्ट निशान यह साबित करते हैं कि लड़की पर हमला किया गया और उसकी हत्या की गई। हालांकि, पुलिस और मेडिकल स्टाफ का कहना है कि प्रारंभिक जांच से बीमारी और ड्रग्स के ओवरडोज का संकेत मिलता है। इस भिन्न दृष्टिकोण ने विवाद को और बढ़ा दिया है और लोगों का गुस्सा भी बढ़ गया है।


पुलिस की जांच

पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि लड़की के यूरिन टेस्ट में नींद की गोलियों की मौजूदगी पाई गई है। बढ़ते गुस्से के बीच, परिवार ने PMCH में पोस्टमार्टम की वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग की, जिसे मान लिया गया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की देखरेख के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया, जिसके बाद परिवार ने कारगिल चौक से नाकाबंदी हटाने पर सहमति जताई।


पुलिस का बयान

पुलिस अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और मामले को आत्महत्या बता रही है। सदर ASP अभिनव कुमार ने बताया कि एक मेडिकल बोर्ड ने पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया की देखरेख की, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। पुलिस ने कहा है कि फिलहाल सबूत आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन वे कोई भी नतीजा निकालने से पहले अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करेंगे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने और इलाके को खाली कराने के लिए हल्का बल भी प्रयोग किया।