पटना में NEET छात्रा की मौत: CBI जांच की तैयारी, SIT की रिपोर्ट में कोई प्रगति नहीं
मामले की जांच में SIT की चुनौतियाँ
पटना के मुन्नाचक में स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रह रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच कर रही एसआईटी (SIT) को अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। सूत्रों के अनुसार, छात्रा के अंतःवस्त्रों पर मिले साक्ष्यों का मिलान संदिग्धों से किया गया, लेकिन यह प्रयास बेनतीजा रहा।
इस मामले में एसआईटी ने 25 संदिग्धों के रक्त के नमूने लिए थे। हाल ही में 18 लोगों की रिपोर्ट आई, और शेष 7 संदिग्धों की डीएनए प्रोफाइल रिपोर्ट भी प्राप्त हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि इन 25 संदिग्धों में से किसी का भी डीएनए छात्रा के कपड़ों पर मिले स्पर्म के अवशेषों से मेल नहीं खाता। 10 अन्य लोगों का प्रोफाइल भी तैयार होना था, लेकिन केस सीबीआई को सौंपे जाने की चर्चा के चलते यह प्रक्रिया रुक गई है.
SIT की जांच और सबूतों की कमी
एसआईटी ने छात्रा के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और ब्राउज़िंग हिस्ट्री की गहन जांच की है। पुलिस यह भी देख रही है कि छात्रा कब से डिप्रेशन या नींद की दवाइयां ले रही थी। अब तक की जांच में एसआईटी को इस बात के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं कि छात्रा के साथ यह घटना पटना में हुई थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक अपनी अंतिम रिपोर्ट साझा नहीं की है।
CBI को केस सौंपने की प्रक्रिया
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पिछले शनिवार को सोशल मीडिया पर बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे सीबीआई को सौंपने की अनुशंसा की गई है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार तक सीबीआई इस केस को औपचारिक रूप से अपने हाथ में ले सकती है, जिसके बाद नए सिरे से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की जाएगी। सीबीआई के अधिकारियों ने इस संबंध में एसआईटी से संपर्क भी किया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
जहानाबाद की निवासी छात्रा पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। 5 जनवरी को वह घर से लौटकर पटना आई और 6 जनवरी को शाम करीब 4 बजे अपने कमरे में बेहोश पाई गई। 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई।
न्याय यात्रा का आयोजन
नीट छात्रा के परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय यात्रा का आयोजन किया। उन्होंने बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। परिजनों और आसपास के ग्रामीणों ने पतियाव गांव से पैदल यात्रा शुरू की है। वे जहानाबाद के समाहरणालय पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे, जिसमें छात्रा की मौत में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द सजा दिलाने की मांग की जाएगी। साथ ही, उनका कहना है कि न्यायालय द्वारा एक समिति बनाकर इस केस की जांच कराई जाए, क्योंकि सरकार और पुलिस दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
