पटना पुलिस ने 22 करोड़ की ड्रग्स के साथ बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया
पटना में ड्रग्स रैकेट का खुलासा
पटना। विशेष पुलिस टीम (डीआईयू) ने एक सप्ताह के भीतर ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए 22 करोड़ रुपये की ब्राउन शुगर, हेरोइन और स्मैक बरामद की है। यह पूरा सिंडिकेट पति-पत्नी, साला और बहनोई द्वारा संचालित किया जा रहा था।
सिंडिकेट का मुख्य सरगना
अब तक इस नेटवर्क से 50 करोड़ रुपये से अधिक के मादक पदार्थ पकड़े जा चुके हैं। इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट के प्रमुख संतोष साव और उसकी पत्नी रेखा देवी हैं, जो लंबे समय से पटना में सूखे नशे की सप्लाई कर रहे थे।
गिरफ्तारी और छापेमारी
हाल ही में फुलवारीशरीफ के गोपालपुर में हुई छापेमारी में पुलिस ने संतोष साव के साले कृष्ण कुमार राम को रंगे हाथों पकड़ा। कृष्ण कुमार ने बताया कि उसे इस सिंडिकेट में माल की डिलिवरी के लिए प्रतिदिन आठ हजार रुपये मिलते थे।
पुलिस ने रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र के सोरंगपुर में एक मकान पर छापेमारी की, जहां चिंटू उर्फ छोटू और मोनू को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से पिस्टल, कट्टा, बुलेट बाइक, और 15 करोड़ रुपये की हेरोइन, स्मैक और ब्राउन शुगर बरामद की गई।
सिंडिकेट की जांच
डीआईयू की टीम गिरफ्तार किए गए छोटू और मोनू से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके। पुलिस की कई टीमें संतोष साव, रेखा देवी और उनकी सहयोगी सीमा कुमारी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
पूछताछ में यह भी पता चला है कि यह गैंग एक चुराई हुई स्कॉर्पियो का इस्तेमाल करता था ताकि पुलिस चेकिंग से बचा जा सके। गिरोह के तार उत्तर प्रदेश के मुगलसराय और गाजीपुर से जुड़े हैं, जहां से भारी मात्रा में नशे की खेप लाई जाती थी।
ड्रग्स का वितरण
बक्सर के रास्ते इसे पटना लाया जाता था और छोटे-छोटे पुड़िया बनाकर शहरी और ग्रामीण इलाकों में छात्रों और युवाओं को सप्लाई किया जाता था।
संतोष साव ने अपनी पत्नी रेखा देवी और पिता राजू साव के नाम पर पटना में महंगी प्रॉपर्टी भी खरीदी है, जिसकी जांच आर्थिक अपराध इकाई द्वारा की जा सकती है।
महिला सब-इनस्पेक्टर की भूमिका
महिला सब-इनस्पेक्टर जया कुमारी की सूझबूझ से इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ। उन्होंने डीआईयू टीम के साथ मिलकर संतोष साव के घर पर छापामारी की, जहां से 5.815 किलोग्राम हेरोइन और 815 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई।
