पटना पुलिस की छापेमारी में अनुशासनहीनता का मामला, दो थानेदार निलंबित

पटना में एक छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मियों को खुद की तलाशी देने की स्थिति का सामना करना पड़ा, जिससे खाकी की गरिमा पर सवाल उठे। इस घटना के बाद, पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दो थानेदारों को निलंबित कर दिया है। यह मामला तब शुरू हुआ जब एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। पुलिस की कार्यशैली ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे पूरे पुलिस महकमे की छवि प्रभावित हुई है।
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पटना पुलिस की छापेमारी में अनुशासनहीनता का मामला, दो थानेदार निलंबित gyanhigyan

पटना में पुलिस की छापेमारी का विवाद

पटना पुलिस की छापेमारी में अनुशासनहीनता का मामला, दो थानेदार निलंबित


पटना: हाल ही में पटना पुलिस को एक छापेमारी के दौरान खुद को तलाशी देने की स्थिति का सामना करना पड़ा। एक युवक, जो नाबालिग जैसा दिखता था, ने पुलिसकर्मियों की गेट पर तलाशी ली। वर्दी में सजे युवा पुलिसकर्मी अपनी कमर की तलाशी देते रहे, जबकि उनके कंधों पर एके-47 जैसी राइफलें लटक रही थीं। यह कार्रवाई एक गैंगस्टर के घर पर की गई थी, जिसमें महिला पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया था।


पुलिस की गरिमा पर सवाल

पुलिस की इस कार्रवाई ने खाकी की गरिमा को तार-तार कर दिया। एक वीडियो में पुलिसकर्मी अपराधियों के परिवार के सामने कतार में खड़े होकर अपनी तलाशी देते हुए दिखाई दिए। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए, पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने संबंधित थाना अध्यक्षों को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए।


घटनाक्रम का विवरण

यह घटना 23 मई 2026 को हुई, जब एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस झड़प के बाद पंचमहला थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की, लेकिन मुख्य आरोपी फरार मिले।


पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

वीडियो में पुलिस की कार्यशैली ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। थानेदार ने लाइन में लगकर अपनी तलाशी दी, जबकि एक महिला ने आरोपी के भाई से थानेदार की फोन पर बात कराई। इस घटना ने यह दर्शाया कि पुलिसकर्मी अपराधियों के डर में अपनी गरिमा खो चुके हैं।


निलंबन और अनुशासनहीनता

पटना SSP ने इस मामले पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि वांछित अपराधी के घर पर पुलिसकर्मियों द्वारा खुद की तलाशी देना अनुशासनहीनता है। दोनों थानेदारों को निलंबित कर दिया गया है और उनसे पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।


पुलिस की छवि पर असर

वीडियो में दिख रहे दोनों थाना इंचार्ज युवा हैं। उनकी पुलिस ट्रेनिंग में अपनी सुरक्षा की बात बताई गई होगी, लेकिन आरोपी के दरवाजे पर कतार में लगकर तलाशी देने की बात नहीं सिखाई गई होगी। इस घटना ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में पुलिस की छवि को प्रभावित किया है।