पंजाब रोडवेज के संविदा कर्मचारियों का प्रदर्शन, नियमितीकरण की मांग

पंजाब रोडवेज के संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य के विभिन्न बस डिपो पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नियमितीकरण और ठेका व्यवस्था समाप्त करने की मांग की है। यूनियन नेताओं ने सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया है। यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो कर्मचारी तीन से पांच अगस्त तक हड़ताल करने की योजना बना रहे हैं। इस प्रदर्शन के पीछे कई सालों से चली आ रही समस्याएं हैं, जिनका समाधान न होने पर भूख हड़ताल की भी घोषणा की गई है।
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संविदा कर्मचारियों का प्रदर्शन

27 जुलाई को होशियारपुर में पंजाब रोडवेज के संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य के विभिन्न बस डिपो के बाहर प्रदर्शन किया। इन मांगों में कर्मचारियों का नियमितीकरण और ठेका प्रणाली का अंत शामिल है। यह प्रदर्शन पंजाब रोडवेज, पनबस और 'पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन' द्वारा राज्य के सभी 27 डिपो पर आयोजित किया गया।


यूनियन नेताओं के आरोप

यूनियन के नेता कुलवंत सिंह ने होशियारपुर डिपो में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने बार-बार आश्वासन देने के बावजूद संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा पूरा नहीं किया है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में सरकार के साथ लगभग 70 बैठकें हुईं, लेकिन कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। यूनियन का कहना है कि इस मामले की जांच के लिए बनाई गई समितियों ने भी कोई परिणाम नहीं दिया।


सरकार की नीतियों पर सवाल

यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में परिवहन विभाग में किसी भी संविदा कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि ठेका व्यवस्था के कारण कर्मचारी शोषण का शिकार हो रहे हैं। होशियारपुर डिपो के अध्यक्ष रामिंदर सिंह और सचिव नरिंदर सिंह ने मार्ग निर्धारण में अनियमितताओं, 'आउटसोर्स' कर्मचारियों की भर्ती और संविदा कर्मचारियों की पुरानी मांगों का समाधान किए बिना विशेष कैडर नीति लागू करने के प्रयासों की आलोचना की।


हड़ताल की चेतावनी

उन्होंने बताया कि 24 जून को हुई बैठक में सरकार ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और अन्य मुद्दों के समाधान के लिए मसौदा नीति तैयार करने के लिए 10 दिन का समय मांगा था, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो कर्मचारी तीन से पांच अगस्त तक तीन दिन की हड़ताल करेंगे और पंजाब के मुख्यमंत्री तथा परिवहन मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने पंजाब विधानसभा के आगामी मानसून सत्र के दौरान भूख हड़ताल करने की भी योजना बनाई है।