पंजाब में सिख गुरुओं के अपमान का विवाद: राघव चड्ढा ने भगवंत मान पर साधा निशाना
सिख गुरुओं की तस्वीरों का विवाद
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ सिख गुरुओं की तस्वीरों के अपमान का एक विवादास्पद वीडियो सामने आने के बाद से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस मामले में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भगवंत मान पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को इस वीडियो की वास्तविकता पर संदेह था, उनके सभी संदेह अब समाप्त हो गए हैं। चड्ढा ने आरोप लगाया कि भगवंत मान और आम आदमी पार्टी ने असली अपमान वाले वीडियो को छिपाने के लिए एक नकली फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार की। इस घटना से सिख समुदाय, विशेषकर गुरु नानक के अनुयायी, बेहद आहत और नाराज हैं।
फोरेंसिक रिपोर्ट की जांच की मांग
भाजपा सांसद ने इस बात की भी मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि यह फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट कैसे बनाई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि इसमें कौन से अधिकारी शामिल थे और क्या सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए और भगवंत मान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। धार्मिक अपमान से जुड़े नए कानून के तहत, पहले एफआईआर और मुकदमे का सामना भगवंत मान को करना चाहिए।
आप के प्रमुख की चुप्पी पर सवाल
भाजपा नेताओं ने भगवंत मान के विवाद को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल की चुप्पी पर सवाल उठाया है। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि भगवंत मान ने सिख समुदाय का अपमान किया है और इसलिए उनका इस्तीफा आवश्यक है।
वीडियो की जांच पर विवाद
मल्होत्रा ने यह भी पूछा कि जब अकाल तख्त साहिब ने वीडियो की जांच सरकारी प्रयोगशाला से करवाई थी, तो पंजाब सरकार ने निजी प्रयोगशाला से जांच क्यों करवाई? भगवंत मान ने इस वीडियो को खारिज करते हुए इसे उनके खिलाफ दुष्प्रचार बताया है। आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई ने दावा किया है कि दो प्रयोगशालाओं में हुई फोरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मान नहीं हैं। हरियाणा पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
